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दुमका : आग से घिरे मासूम बच्चे को बचाने में मां भी झूलसी, जानिए क्या है मामला

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 2:58:26 PM

दुमका(DUMKA): प्रकृति की सर्वश्रेष्ठ रचना की जब भी बात होती है तो चोटी पर एक ही नाम रहता है और वो है मां. कहते हैं कि पृथ्वी पर सभी जगह एक साथ ईश्वर नहीं रह सकते, इसलिए ईश्वर ने मां को बनाया. मां वो होती है जो शेर के मुख से भी अपने संतान को सकुशल खींच लाए. ये तमाम कहावत रविवार को दुमका में चरितार्थ हुआ. मामला रामगढ़ प्रखंड का है. जहां आग में घिरे एक मासूम को उसकी मां ने अपनी जान की परवाह किए बगैर बाहर निकाला.

क्या है मामला 

दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज के बार्न वार्ड में इलाजरत प्रिंस कुमार दो दिन पूर्व अपनी मां के साथ जामा के पलासी से रामगढ़ के डुमरजोर गांव गया था. कल शाम तक सब कुछ ठीक ठाक था. खाना खाकर मासूम अपनी मां और मौसी के साथ एक कमरे में सो गया. अचानक रात 11 बजे घर में आग लग गयी. आग कैसे लगी यह किसी को पता नहीं. मौसी की नींद टूटी तो चिल्लाते हुए दौड़कर बाहर भागी. शोर गुल सुनकर प्रिंस की मां हेमा देवी की नींद टूटी. अपने आप को आग में घिरा देख हेमा भी चिल्लाते हुए घर से बाहर निकल गयी. मां की आवाज सुनकर जब 4 वर्ष के प्रिंस की नींद खुली तो वह अपने आप को आग में घिरा पाया. मासूम का डर से हालत खराब हो गया. प्रिंस को जब कुछ समझ मे नहीं आया तो वह डर कर बेड के नीचे छिप गया. आग कमरे को पूरी तरह अपने आगोश में ले चुका था. शोर गुल सुनकर गांव के लोग भी एकत्रित हो गए थे. सभी अपने अपने स्तर से आग बुझाने में लगे थे. इसी बीच हेमा को ध्यान आया कि प्रिंस तो कमरे में ही है. फिर क्या था. जिगर का टुकड़ा आग में झुलस जाए एक मां भला कैसे बर्दास्त कर सकती थी. अपनी जान की परवाह किए बगैर हेमा नंगे पैर आग को चीरती हुए कमरे में प्रवेश कर गयी. लोग उसे ऐसा करने से रोकता रहे,  लेकिन उस मां ने किसी की नहीं सुनी. कमरे के अंदर प्रवेश करने पर प्रिंस को बेड के नीचे चीखते हुए पायी. प्रिंस आग से पूरी तरह घिर चुका था. उसका चेहरा झुलस चुका था. वैसी स्थिति में हेमा ने अपने लाल को सीने से लगाया और आग के बीच दौड़ती हुई बाहर निकली. प्रिंस को बचाने के क्रम में मां का हाथ और पैर झुलस गया. ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया. परिजन हेमा और प्रिंस को लेकर दुमका के फूलोझानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां दोनों का इलाज चल रहा है.

चर्चा का विषय 

यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. आग कैसे लगी इसके बजाय लोग एक मां की दिलेरी की चर्चा कर रहे है. मां आखिर मां होती है, जिसका कोई जोड़ नहीं होता. इस बात को एक बार फिर एक मां ने साबित कर दिखाया. तभी तो कहा जाता है माता कुमाता नहीं हो सकती.

रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका

Tags:In order to save the innocent child surrounded by fire in dumkadumka newsjharkhand latest newsthe news post

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