दुमका (DUMKA) : प्रकृति की गोद मे बसे दुमका की पहचान पहाड़, जंगल और नदी नाले से है. लेकिन हाल के कुछ वर्षों से यहां की प्राकृतिक सुंदरता को माफिया की नजर लग गयी है. लकड़ी, बालू, कोयला और गिट्टी माफिया की करतूत समय समय पर उजागर होती है. समय-समय पर प्रसासनिक कार्यवाई भी होती है, लेकिन माफिया अपनी करतूत से बाज नहीं आता.
अवैध लकड़ी लदे एक पिरअप वैन जप्त
इसी कड़ी में वन विभाग ने गुरूवार की देर रात अवैध लकड़ी से लोड एक पिकअप वैन को जब्त किया है. वन विभाग को सूचना मिली कि हिजला पूर्वी प्रक्षेत्र अंतर्गत रानीश्वर थाना के लपसा पाडा जंगल में सागवान का पेड़ काटकर वाहन पर लोड किया जा रहा. सूचना पर त्वरित कार्यवाई करते हुए एक टीम स्थल की ओर रवाना हुई. ताल डंगाल गांव के समीप एक वाहन को आता देख टीम द्वारा उसे रोकने का प्रयास किया गया तो पिकअप वैन के चालक द्वारा टीम को चकमा देकर वाहन भगाने लगा. टीम द्वारा पीछा करने पर पिकअप वैन का चलक कुछ दूरी पर वाहन खड़ी कर भागने में सफल रहा. टीम द्वारा पिकअप वैन को जब्त कर रानी बहाल स्थित वन परिसर लाया गया. उस पर 23 पीस सागवान का लकड़ी लोड है जिसकी अनुमानित कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये है.
लकड़ी माफिया को वन विभाग टीम ने किया गिरफ्तार
इसकी सूचना जब वन माफिया अलाउद्दीन मियां को मिली तो वह अपने समर्थकों के साथ वन परिसर पहुँच गया और पिकअप वैन को भगाने का प्रयास करने लगा. वन विभाग इस परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार थी, क्योंकि कई बार अलाउद्दीन जप्त वाहन को छुड़ाने में कामयाब हो चुका था. लेकिन इस बार वन विभाग की टीम उसे गिरफ्तार करने में सफल रही.
वन विभाग के कर्मी को देता था धमकी
हिजला पूर्वी प्रक्षेत्र के रेंजर बीएन प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तार वन माफिया को जेल भेजा जा रहा है. उन्होंने बताया कि अलाउद्दीन क्षेत्र में आतंक का पर्याय माना जाता है. इसके डर से ग्रामीण भी कुछ नहीं बोल पाते थे. विभाग के कर्मी को भी धमकी देता था कि अगर वन विभाग का कोई आदमी मेरी गाड़ी पकड़ लेगा तो उसे जंगल मे मारकर फेंक देंगे. स्थानीय वन रक्षी पर धौंस जमाकर जंगल से अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई करता था.
वन विभाग द्वारा कई बार अवैध लकड़ी को जब्त भी किया गया. लेकिन लंबे अरसे बाद कोई माफिया गिरफ्त में आया है. उम्मीद की जानी चाहिए कि अवैध जंगल कटाई पर अंकुश लगेगा. वैसे यह आसान नहीं है. क्योंकि दुमका जिला के रानीश्वर, मसलिया, शिकारीपाड़ा प्रखंड की सीमा पश्चिम बंगाल से लगती है. जिसका फायदा माफिया को मिलता रहा है.
रिपोर्ट. पंचम झा
