दुमका(DUMKA): दुमका नगर परिषद द्वारा शहर से एकत्रित कूड़ा कचरा को शहर से सटे वाटर पार्क के समीप डंप किया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. स्थानीय मुखिया मीना मुर्मू ने इस पर रोक लगाते हुए विरोध प्रकट किया. मुखिया के समर्थन में स्थानीय लोग भी आ गए. मुखिया मीना मुर्मू ने कहा कि शहर के कूड़े कचरे को वाटर पार्क के समीप पुराना पुलिया के पास फेंका जा रहा है. जिसके कारण आस पास के इलाकों में काफी बदबू फैल रही है. लोगों का अपने घरों में रहना भी मुश्किल हो रहा है. वाटर पार्क होने के कारण आस पास के लोग सुबह शाम यहाँ घूमने आते हैं. यहां एक अस्पताल के साथ साथ विद्यालय भी है. मुखिया और ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कहा कि कूड़ा फेंकने से होने वाले प्रदूषण से लोगों के सेहत पर खतरा है. विरोध होता देख मौके पर दुमका नगर परिषद के सिटी मैनेजर संजीव बेसरा पहुंचे. मुखिया एवं ग्रामीणों से बातचीत की तथा वहां कूड़ा कचरा फेंकने से मना कर दिया.
दरअसल दुमका को उपराजधानी का दर्जा भले ही मिल गया हो लेकिन आज तक कचड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं हो पायी है. दशकों से शहर के बक्शीबांध में कूड़ा कचड़ा फेंका जा रहा है, जिससे वहां एक तरह से कहें तो कचड़ा का पहाड़ बन गया है. डंपिंग यार्ड के आस पास सघन अधिवास होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है. समय समय पर लोग बक्शी बांध डंपिंग यार्ड को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग करते रहे है. लोगों के सब्र का बांध जब टूट जाता है तो स्थानीय लोग बक्शी बांध में कचरा फेकने से रोक देते हैं. उस स्थिति में नगर परिषद द्वारा जहाँ तहाँ कचरा फेंका जाने लगता है.
आम लोगों को हो रही परेशानी
विभाग द्वारा आम लोगों की समस्या के समाधान के लिए डंपिंग यार्ड को निर्जन स्थान पर फेंकने के लिए शहर से दूर स्थल चयन कर लिया गया है. लेकिन उस स्थल की घेरा बंदी होने में अभी समय लगेगा. तब तक शहर का कचरा विभाग के साथ साथ आम लोगों के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
