दुमका: दुमका जिला के गोपीकांदर थाना क्षेत्र के रोलडीह सड़क टोला में सांप काटने के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने से 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान अर्नेस्ट मुर्मू के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
भीषण गर्मी में आंगन में सो रहा था परिवार
जानकारी के अनुरूप मंगलवार देर रात भीषण गर्मी के कारण अर्नेस्ट मुर्मू अपनी पत्नी बेलिना मरांडी और दो बच्चों के साथ घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान रात करीब 10 बजे दो करैत सांप वहां पहुंच गए और अर्नेस्ट के हाथ में डंस लिया।
सांप को मार दिया, लेकिन अस्पताल नहीं पहुंच सके
घटना के बाद अर्नेस्ट और उनकी पत्नी ने दोनों सांपों को मार डाला। मृतक की पत्नी बेलिना मरांडी ने बताया कि रात काफी हो चुकी थी और घर के अन्य सदस्य शराब के नशे में थे, इसलिए वह पति को तुरंत अस्पताल नहीं ले जा सकी।
सुबह झाड़-फूंक के लिए ले जाया गया
परिजन सुबह अर्नेस्ट को दुमका के राजबांध क्षेत्र में झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए। लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी और वह बेहोश हो गया था। काफी देर तक झाड़-फूंक चलती रही, लेकिन बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
पीछे छोड़ गया रोता-बिलखता परिवार
मृतक अपने पीछे माता-पिता, पत्नी तथा 7 वर्ष और 4 वर्ष के दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बाद में शव का ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अंधविश्वास बन रहा जानलेवा
ग्रामीणों का कहना है कि आज भी गोपीकांदर क्षेत्र में जागरूकता की कमी के कारण लोग सांप काटने जैसी गंभीर स्थिति में अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा करते हैं। इसी कारण कई लोगों की जान चली जाती है।
जागरूकता अभियान चलाने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है, ताकि सांप काटने की स्थिति में लोग बिना देर किए मरीज को अस्पताल पहुंचाएं और समय रहते इलाज मिल सके।
रिपोर्ट पंचम झा