दुमका (DUMKA) : दुमका जिला के जरमुंडी थाना क्षेत्र के बिसनपुर गांव के समीप सोमवार की देर शाम अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक चालक एक किशोर की मौत हो गयी. बेलटिकरी के रहने वाले 10वीं कक्षा का छात्र बाइक से नोनीहाट गया था. लौटने के दौरान हादसे का शिकार हो गया. परिजन अपने बच्चे की घर वापसी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सूचना मिली दुर्घटना की. भागे-भागे जरमुंडी स्थित सीएचसी पहुचे जहाँ डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रेफर कर दिया. परिजन किशोर को लेकर पीजेएमसीएच पहुचे जहां डॉक्टर ने किशोर को मृत घोषित कर दिया. दुमका में आए दिन इस तरह के हादसे हो रहे है.
देखिए 3 महीनों का आकड़ा
उपराजधानी दुमका की सड़कें चकाचक क्या हुई सड़क हादसे में जान गवाने वाले आंकड़ो में बेतहाशा वृद्धि हो गयी। वर्ष 2023 के 3 महीनों के आंकड़ों को देखें तो अब तक 71 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सैकड़ों व्यक्ति घायल हुए है. जिला प्रशासन द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इसके बाबजूद सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है. दुर्घटना छोटी हो या बड़ी यह शब्द अपने आप मे बहुत भारी होता है. सड़क दुर्घटना का नाम सुनते ही आपके जेहन में सड़कों पर तड़पते इंसान, रक्त रंजित सड़कें और अस्पताल में चीत्कार की तस्वीर उभर कर सामने आएगी. हादसों में जान गवांने वाले तो मर जाते है लेकिन पीछे छोड़ जाते है. रोते विलखते बच्चे और परिवार। बच्चे अनाथ हो जाते है, परिवार बिखर जाता है और बूढ़े मां बाप का सहारा छिन जाता है. यह सब जानते हुए भी लोग गलती कर बैठते है. यही वजह है कि दुमका में सड़क हादसों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है. 1 जनवरी से 31 मार्च 2023 तक सड़क हादसों में 71 लोगों ने अपनी जान गंवाई जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए.
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यातायात नियमों का पालन करने की अपील
प्रत्येक वर्ष सड़क हादसों में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह से लेकर पखवाड़ा तक मनाया जाता है. जिला मुख्यालय से लेकर गांव तक विभिन्न तरीकों से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है. सड़क से लेकर स्कूल और कॉलेज में पहुंचकर कर्मी, पदाधिकार और स्वमसेवी संगठनों द्वारा लोगों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है. इसके बाबजूद लोगों पर कोई असर नहीं पड़ता है. दुमका में भी परिवहन विभाग के अधिकारियों और सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों ने सड़क पर उतर कर यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों को गुलाब फूल भेंट कर यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गयी. कभी शक्ति भी बरती गई. बिना हेलमेट पहने वाहन चलाने वालों को चालान काटा गया, कई लोगों का तो ड्राइविंग लाइसेंस भी कैंसिल कर दिया गया. लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद लोगों में जागरूकता नहीं आ रही है.
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सड़क दुर्घटना में इतने लोगों की गई जान
दुमका में सड़क हादसों का आंकड़ा देखें तो वर्ष 2023 के 3 महीने में 71 लोगों ने अपनी जान सड़क हादसों में गंवाई. आंकड़ा बताता जनवरी में सड़क हादसे में 19 लोगों की जान गई तो फरवरी में 27 लोग सड़क हादसे के शिकार हुए वहीं मार्च में 25 लोग सड़क दुर्घटना की वजह से असमय काल कलवित हुए. जबकि दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या 100 से ऊपर है. वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में 179 लोगों की जाने गई थी.
जागरूकता अभियान का कोई असर नहीं
इस बाबत संथाल परगना के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के सचिव जुगनू मिंज ने लगातार हो रहे सड़क हादसों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में बढ़ोतरी के दो मुख्य कारण हैं. पहला ओवर स्पीड और दूसरा ड्रंकन ड्राइव. प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान तो चलाया जा रहा है, लेकिन उसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है. लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए समाज के लोगों को भी आगे आना होगा. लोगों में सामाजिक चेतना बढ़ाने की जरूरत है.

इन सब चीजों से बचे
अपने आप मे कुछ बदलाव लाकर ही सड़क हादसों में कमी लायी जा सकती है. लोगों को यह समझने की आवश्यकता है कि बेवजह तेज गति से गाड़ी ना चलाएं. शराब पीकर ड्राइविंग बिल्कुल ही ना करें. बिना हेलमेट बाइक ना चलाएं. वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग ना करें तो जीवन सुरक्षित रह सकता है.
रिपोर्ट: पंचम झा
