धनबाद(DHANBAD): धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो और मेयर संजीव सिंह के बीच शुरू हुआ "शीत युद्ध" अप्रत्यक्ष चुनौती की ओर बढ़ रहा है,. रविवार को कतरास में जहां ब्लड प्रेशर, डॉक्टर, चिल्लाहट जैसे शब्द गूंजे , तो झरिया के लोदना में एक खास परिवार द्वारा झरिया को बर्बाद करने की आवाज तेज हुई. दरअसल, रविवार को कतरास में मेयर संजीव सिंह थे, तो झरिया के लोदना में सांसद ढुल्लू महतो थे. धनबाद में एक अजीब किस्म की राजनीति चल रही है. इस राजनीति में सभी कोई छायावाद में एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. मेयर संजीव सिंह का रविवार को कतरास में अभिनंदन कार्यक्रम था. इस कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटी। संजीव सिंह पर फूलों की वर्षा की गई. संजीव सिंह ने भी कतरास के लोगों के भरोसे पर किसी भी परिस्थिति में खरा उतरने का वचन दिया।
कतरास के स्वास्तिक टॉकीज का नाम लेकर मेयर ने बढ़ी बात कही
उन्होंने कहा कि जब वह लोग छोटे थे, और कतरास के स्वास्तिक टॉकीज में सिनेमा देखने आते थे, उस समय भी कतरास में जाम की समस्या थी और आज भी समस्या है. लेकिन अब कतरास में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए प्रयास शुरू किया जाएगा। उन्होंने कतरास के लोगों को कह दिया कि समस्या चाहे जो भी हो, जिस तरह की भी हो, उन्हें सिर्फ आप लोग सूचना दें, उस समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। मेयर ने कहा कि निगम बोर्ड की पहली बैठक में 952 करोड रुपए की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है. अगली बैठक में और भी काम करने की योजनाओं पर स्वीकृति देने की कोशिश होगी। एक तरह से उन्होंने कहा कि कतरास में कोई काम नहीं हुआ है, सिर्फ राजनीति हुई है. 6 अप्रैल को धनबाद -मुंबई ट्रेन के उद्घाटन में उन्हें नहीं बुलाने पर भी उन्होंने चर्चा की और कहा कि जो लोग रेल अधिकारियों पर दबाव देकर ऐसा करवाए हैं ,वह उन पर एक तरह से "उपकार" ही किए हैं. इससे काम करने की ताकत मिली है.
सांसद ने कहा -एक खास परिवार ने झरिया को बर्बाद कर दिया
उन्होंने कहा कि वह किसी के एहसान से मेयर नहीं बने हैं, धनबाद की जनता ने उनको चुना है और अब जनता के इस एहसान को चुकाने की उनकी बारी है. दूसरी ओर रविवार को झरिया के चौथाई कुल्ही स्थित धर्मनगर में हुई धंसान की घटना से प्रभावित लोगों से सांसद ढुल्लू महतो मिले। सांसद ने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल के सीएमडी से कहा गया है कि पूरे मामले की जांच हो. साथ ही सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित परिवारों को उनकी इच्छा के अनुसार सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया जाए. सांसद ने इस घटना के लिए कोयला निकासी के बाद बालू भराई के कार्य में हुए कथित घोटाले को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि इसी लापरवाही के चलते बार-बार धंसान की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने कहा कि कुछ खास परिवारों ने झरिया को बर्बाद कर दिया है. उनका इशारा सिंह मेंशन की ओर था. खैर, सांसद और मेयर के बीच का "शीत युद्ध" अब दिलचस्प मोड़ की ओर बढ़ रहा है. देखना होगा, आगे आगे होता है क्या??
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो