☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

लोकतंत्र की शक्ति ही है कि मैं यहां तक पहुंची- देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद द्रौपदी मुर्मू ने कहा

लोकतंत्र की शक्ति ही है कि मैं यहां तक पहुंची- देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद  द्रौपदी मुर्मू ने कहा

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): द्रौपदी मुर्मू ने 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ ली. इसके साथ ही देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिल गई. भारत के इतिहास की सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति का रिकार्ड भी उनके नाम से जुड़ गया. वे महज 64 साल की उम्र में राष्ट्रपति बनीं. उन्हें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमणा ( NV RAMANA) ने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई. इस दौरान संसद भवन में प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत तमाम अहम लोग मौजूद थे.

दरअसल, सुबह में द्रौपदी मुर्मू अपने आवास से राजघाट पहुंची, वहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रध्दांजलि दी और संसद भवन पहुंचीं. आपको बता दें कि मुर्मू ओड़िसा की रहने वाली है. वो झारखंड की राज्यपाल भी रह चुकी है. इसके अलावा मुर्मू आजादी के बाद जन्मी पहली राष्ट्रपति बनी हैं. उनका जन्म 20 जून 1958 को हुआ है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं अपने गांव की पहली लड़की थी जो कॉलेज गई थी. उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र की शक्ति ही है की मैं यहां तक पहुंची हूं.      

Published at:25 Jul 2022 11:20 AM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.