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दोहरी मार: हाथी खेत कर रहे नष्ट तो बारिश भी किसानों की मेहनत डुबो रही

BY -
Rohit Kumar Sr. Correspondent
Rohit Kumar Sr. Correspondent
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: May 11, 2026, 5:01:47 PM

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): किसान इन दिनों भारी संकट से गुजर रहे हैं. एक ओर जंगली हाथियों का झुंड खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर रहा है, तो दूसरी ओर लगातार हो रही बेमौसम बारिश किसानों की बची-खुची उम्मीद भी खत्म करती जा रही है. हालात ऐसे हैं कि किसानों के मेहनत, पूंजी और उम्मीद तीनों पर एक साथ संकट मंडरा रहा है. पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा और आसपास के इलाकों में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ा हुआ है. हाथियों का झुंड गरमा धान, बांस की फसल रौंद रहा तो सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल में बारिश के कारण सब्जी की फसल को भारी मात्रा में नुकसान पहुंचा है. हाथियों के कारण कई गांवों में किसान रातभर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं.
किसानों का कहना है कि प्राकृतिक और वन्य संकट के बीच खेती करना अब चुनौती बनता जा रहा है. किसान सरकार से तत्काल राहत, उचित मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग कर रहे है.

100 बीघा से अधिक गरमा धान रौंदा

पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड में जंगली हाथियों का उत्पात बढ़ गया है. पूर्वांचल में खासकर हाथी ज्यादा उत्पात मचा रहे है. जंगल से सटे कई गांवों में हाथियों के झुंड किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं. अब तक करीब 100 बीघा से ज्यादा गरमा धान की फसल हाथियों ने रौंद डाला है. खेतों में घुसकर हाथी फसल रौंद दे रहे हैं. इसके कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
भादुआ, लोधनबनी, पानीसोल और भूतिया जैसे गांव सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार इन इलाकों के आसपास घने जंगल होने के कारण हाथियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. शाम ढलते ही लोगों में डर का माहौल बन जाता है. किसान रातभर खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं. किसानों ने बताया कि हाथी केवल धान की फसल ही नहीं, बल्कि बांस और तिल की खेती को भी हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं. कई परिवारों की आय का मुख्य जरिया बांस की बिक्री है.  लेकिन हाथियों द्वारा बांस नष्ट किए जाने से लोगों की कमाई प्रभावित हो रही है. किसानों का आरोप है कि वन विभाग से मिलने वाला मुआवजा नुकसान के मुकाबले बेहद कम है.  प्रभावित किसानों से आवेदन तो भरवा लिया जाता है, लेकिन समय पर राहत नहीं मिलती.

चांडिल में बारिश से सब्जी को नुकसान

इधर, बेमौसम बारिश से सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है. चांडिल अनुमंडल में लगातार हो रही बेमौसम बारिश किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. बारिश के कारण खेतों में जलजमाव हो गया है. इससे सब्जी और दलहन की फसलें तेजी से खराब होने लगी हैं.  किसानों का कहना है कि मौसम के अचानक बदले मिजाज ने उनकी पूरी खेती व्यवस्था बिगाड़ दी है. सबसे अधिक असर टमाटर की खेती पर पड़ा है. खेतों में पानी भरने से टमाटर सड़ने लगे हैं. वहीं भिंडी के पौधों में पीलापन आने लगा है. इसके कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है. लौकी की फसल में काले धब्बे पड़ने से उसकी गुणवत्ता घट गई है. इसका बाजार में उचित दाम मिलने की उम्मीद कम हो गई है. खीरे की फसल भी अत्यधिक नमी के कारण खराब हो रही है. मूंग की खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है. फसल कटाई के करीब है, लेकिन लगातार बारिश और फफूंद लगने से खेतों में ही बर्बाद होने लगी है. किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराने और जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे है. 

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