पलामू(PALAMU): हैदरनगर प्रखंड क्षेत्र में सुखाड़ का जायजा लेने जिला स्तरीय कृषि विभाग की टीम ने शुक्रवार को दौरा किया. टीम ने प्रखंड के चौकड़ी, हेमजा, खरडीहा, इटवा, पटखौलीय और झरि गांव का दौरा कर स्थिति का आकलन किया. टीम के सदस्यों ने वर्षा की स्थिति, धान की बुआई, फसल की क्षति और सुखाड़ जैसे हालात का जायजा लिया. इस टीम में पलामू जिला कृषि पदाधिकारी दिनेश कुमार मांझी, उप परियोजना निर्देशक परवीन राज, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक वरुण सिंह यादव, प्रभारी बीटीएम यूसुफ आजाद, प्रखंड कृषि पदाधिकारी ज्योति रंजन शामिल थे. टीम ने किसानों की उपस्थिति में खेतों का निरीक्षण किया. वह वास्तविक स्थिति से अवगत हुए.
नदियों से उड़ रहा धूल
टीम के सदस्यों ने किसानों से बात चीत भी की. किसानों ने बताया कि इस साल बारिश नहीं के बराबर हुई है. बारिश नहीं होने और सिंचाई की सुविधा के अभाव में धान की बुआई नही हो पाई. धान का बिचड़ा जहां डाला भी गया था, अब मवेशियों के हवाले कर दिया गया है. बभंडी पंचायत के मुखिया जितेन्द्र सिंह और किसान सह समाजसेवी रामप्रवेश सिंह ने कहा कि भादो जैसे माह में नदी में धूल उड़ रहा है. आहार, पईन, पोखर, कुएं आदि सभी पारंपरिक जलश्रोत सूखे हैं. खेतों में दरार और घास उगे हैं. अब खाद्यान्न की कमी और पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है.
सबसे कम हुई बारिश
जिला कृषि पदाधिकारी दिनेश कुमार मांझी ने बताया कि जुलाई माह में औसत 28.90 % ही बारिश हुआ है, जबकि अगस्त माह में 47.40% बारिश दर्ज की गई है. हैदरनगर प्रखंड में सभी प्रखंडों की अपेक्षा सबसे कम बारिश हुई है. स्थिति अच्छी नही है. उन्होंने किसानों को कम बारिश वाली वैकल्पिक खेती करने की सलाह दी. उन्होंने दलहन एवं तिलहन आदि की फसलों को लगाने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि धान की फसल नही हुई है, उसकी जगह किसानों को रब्बी की फसल लगाने को प्रेरित किया जा रहा है. दलहन का अनुदानित बीज सत प्रतिशत सब्सिडी पर किसानों को मुहैया कराया जायेगा, जिसमें गेंहू, सरसों, कुर्थी, चना आदि बीजों का वितरण किया जाएगा.
रिपोर्ट: जफ़र हुसैन, पलामू
