रांची में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली को लेकर जिला प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है. शहर के कई नामी-गिरामी स्कूलों पर अभिभावकों से अतिरिक्त और अनियंत्रित शुल्क लेने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिया है.
जिला प्रसाशन ने तैयार की सूची
सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन ने ऐसे सभी स्कूलों की सूची तैयार की है जिन पर फीस बढ़ोतरी और विभिन्न मदों में अतिरिक्त वसूली की शिकायतें मिली हैं. इन स्कूलों से अब उनके फीस स्ट्रक्चर, बढ़ोतरी का आधार और अन्य वित्तीय विवरणों पर जवाब-तलब किया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अगर नियमों के खिलाफ जाकर फीस वसूली की गई है तो संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई तय है.
अभिभावकों ने की थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, अभिभावकों ने शिकायत की थी कि कई स्कूल बिना किसी स्पष्ट आदेश या सूचना के हर साल ट्यूशन फीस के साथ-साथ अन्य चार्जेज भी बढ़ा रहे हैं. इसमें एडमिशन फीस, डेवलपमेंट फीस, कंप्यूटर फीस और अन्य अनिवार्य शुल्क शामिल हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन अब इन स्कूलों से कल तक विस्तृत रिपोर्ट मांगने की तैयारी में है. रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि फीस बढ़ोतरी किस नियम या सरकारी गाइडलाइन के तहत की गई है. साथ ही, स्कूलों को अपने वित्तीय रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करने होंगे.
दोषी स्कूलों के खिलाफ करवाई तय
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार कानून और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत स्कूलों को मनमानी फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं है. यदि किसी स्कूल ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ जुर्माना, मान्यता की समीक्षा या अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है.
अभिभावकों को राहत की उम्मीद
इस कदम से अभिभावकों में राहत की उम्मीद जगी है, जो लंबे समय से फीस बढ़ोतरी को लेकर परेशान थे. वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जिला प्रशासन की जांच में क्या सामने आता है और किन स्कूलों पर कार्रवाई की गाज गिरती है. यह मामला आने वाले दिनों में रांची के शिक्षा जगत में बड़ा असर डाल सकता है.