धनबाद (DHANBAD) : चाहे कोई भी दल हो, कोई भी संगठन हो, एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ तो रहती ही है. धनबाद सहित झारखंड में भाजपा भी इससे अछूती नहीं है. इस बार कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करने के लिए मंडल प्रतिनिधि का एक नया पद सृजित किया गया है. जिससे कि अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ा जा सके. मंडल अध्यक्षों के लिए यह नियम लागू हुआ है कि 45 पार के लोग मंडल अध्यक्ष नहीं बनेगे. ऐसे में कई सक्रिय भाजपा के कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करना मुश्किल था. सूत्र बताते हैं कि इस वजह से मंडल प्रतिनिधि का पद सृजित कर दिया गया और इसमें 45 पार के लोगों को एडजस्ट किया गया है.
किसी को नाराज किये बिना समन्वय की हुई है कोशिश
धनबाद में बुधवार को जो मंडल अध्यक्ष और मंडल प्रतिनिधियों की घोषणा हुई है, उसमें भी इस फार्मूले को लागू किया गया है. धनबाद भाजपा में जिन मंडल अध्यक्षों की घोषणा की गई है ,उनमें संबंधित इलाके के विधायकों की बात रखी गई है, तो मंडल प्रतिनिधि में जिला अध्यक्ष भी पीछे नहीं है. वैसे दो मंडल अध्यक्षों की घोषणा होल्ड पर है. एक जोड़ा पोखर से जुड़ा है, तो दूसरा बाघमारा से जुड़ा है. सूत्र बताते हैं कि इसकी पृष्ठभूमि सक्रिय सदस्यों के मामले से जुड़ता है. जोड़ापोखर के मामले में जिस व्यक्ति को विधायक रागिनी सिंह मंडल अध्यक्ष बनवाना चाहती थी, उनका सक्रिय सदस्य ही पेंडिंग रख दिया गया. बाघमारा के मामले में भी ऐसा ही कुछ हुआ है.
अब आ गया है विधयक -सांसद की अग्निपरीक्षा का समय
कुल मिला जुलाकर कहा जा सकता है कि सबकी कुछ ना कुछ चली है, लेकिन अब असली अग्नि परीक्षा महानगर और ग्रामीण जिला अध्यक्ष को लेकर होगी. देखना दिलचस्प होगा कि इसमें किसीकी कितनी चलती है. वैसे पिछले 10 दिनों से कोयलांचल में भाजपा संगठन को लेकर चर्चा में है. धनबाद में भाजपा के तीन विधायक हैं और धनबाद लोकसभा के सांसद ढुल्लू महतो है. लेकिन इन सभी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. धनबाद भाजपा ग्रामीण और महानगर का अध्यक्ष कौन होगा, इसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है. बुधवार को रायशुमारी में एक राय नहीं बन पाई. अब हो सकता है कि प्रदेश नेतृत्व इस पर अपना फैसला दे. मतलब साफ है कि प्रदेश नेतृत्व में जिसकी चलेगी, उसके लोग ग्रामीण और महानगर जिला अध्यक्ष बनेगे. वैसे लड़ाई तगड़ी है.
सक्रिय सदस्यता में खेल ने विधायकों को किया है नाराज
जानकारी के अनुसार झरिया के जोड़ा पोखर और बाघमारा के कांड्रा मंडल अध्यक्षों का चयन नहीं किया जा सका. इन दो जगह पर विवाद है. जोड़ा पोखर का मामला रागिनी सिंह से जुड़ा हुआ है, तो कांड्रा का मामला शत्रुघ्न महतो से जुड़ा हुआ है. हालांकि सूत्र बताते हैं कि नाराजगी और हंगामा की आशंका से कई नेता और विधायक बैठक में मौजूद नहीं थे. सूत्र बताते हैं कि मंडल अध्यक्षों के चयन में तो इलाके के विधायकों ने बाजी मार ली है, लेकिन दो विधायकों की आपत्ति की वजह से दो का मामला होल्ड पर है. धनबाद विधानसभा में राज सिन्हा , झरिया में रागिनी सिंह और बाघमारा में शत्रुघ्न महतो की पसंद के मंडल अध्यक्ष की बात सूत्र बता रहे है. धनबाद जिला भाजपा कार्यालय में तीन सदस्यीय समिति ने रायशुमारी की. इसमें पूर्व मंत्री राज पालीवाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह तथा चुनाव प्रभारी एवं पूर्व सांसद सुनील सोरेन की उपस्थिति रही.
धनबाद ब्यूरो
