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धनबाद के IIT-ISM का एक बार फिर बजा डंका, कम खर्च पर प्रदूषण नियंत्रण का खोजा तरकीब

धनबाद के IIT-ISM का एक बार फिर बजा डंका, कम खर्च पर प्रदूषण नियंत्रण का खोजा तरकीब

धनबाद(DHANBAD): आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की एक नवोन्मेषी टीम ने पैन-इंडिया आईआईटी हैकाथॉन ऑफ फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (FIPI) में प्रथम पुरस्कार जीतकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है .यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता इंडिया एनर्जी वीक 2025 के तहत आयोजित की गई थी.

 यह पुरस्कार केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन द्वारा यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, दिल्ली में समापन समारोह के दौरान प्रदान किया गया.पुरस्कार विजेता टीम में सयंतिका ठंडार (M.Tech, केमिकल), रिया जायसवाल (M.Tech, केमिकल), मोहम्मद फहीम (B.Tech, केमिकल), और मोहम्मद मोजस्सिर अशरफ (B.Tech, केमिकल) शामिल हैं. उन्होंने नाइट्रोजन-डॉप्ड मल्टीलेयर ग्राफीन नैनोपाउडर के कम लागत में उत्पादन के लिए एक पेटेंटेड प्रक्रिया विकसित की, जिसे CO2 एडसॉर्प्शन और कन्वर्जन के लिए डिज़ाइन किया गया है.उनका यह अनुसंधान केमिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रो. एजाज अहमद के मार्गदर्शन में किया गया, जो इस टीम के फैकल्टी मेंटर रहे. यह नवाचार बांस पाउडर का उपयोग करके एडवांस्ड ग्राफीन मटेरियल्स बनाने की एक सस्टेनेबल और ईको-फ्रेंडली मेथड प्रस्तुत करता है. यह समाधान पर्यावरणीय चुनौतियों, विशेष रूप से कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से निपटने में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है.ग्राफीन नैनो पाउडर, जिसका विशिष्ट पो रोस और लेयर्ड स्ट्रक्चर CO2 को कैप्चर करने के लिए आदर्श है, कम लागत वाली, ग्रीन टेक्नोलॉजी इनोवेशन प्रस्तुत करता है, जिसमें ग्लोबल एनर्जी और एनवायर्नमेंटल एप्लिकेशन के लिए अपार संभावनाएं हैं.इस हैका थॉन में दो प्रमुख थीम थे—कार्बन कैप्चर, यूटि लाइज़ेशन और स्टोरेज (CCUS) तथा कम लागत वाली नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, भंडारण प्रणालियों और इंटीग्रेशन का विकास. इसमें आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास और आईआईटी रुड़की जैसे प्रमुख आईआईटी संस्थानों की भागीदारी रही.

प्रो. एजाज अहमद ने क्या कहा 

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए प्रो. एजाज अहमद ने कहा,"यह सम्मान आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के छात्रों की नवाचार शीलता को दर्शाता है. उनकी यह खोज सस्टेनेबल एनर्जी सॉल्यूशंस की दिशा में एक आशाजनक कदम है, जो भारत के एनर्जी ट्रांजिशन लक्ष्यों के अनुरूप है."यह पुरस्कार आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन में उत्कृष्टता को और मजबूत करता है. उल्लेखनीय रूप से, 2024 में, इसी संस्थान की एक अन्य टीम एनर्जी नेक्सस ने स्विच एनर्जी एलायंस प्रतियोगिता जीती थी, जिसमें 31 देशों के प्रतिभागियों के बीच तीन राउंड की कठिन प्रतियोगिता शामिल थी.आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतियोगिताओं में निरंतर सफलता इसके अनुसंधान-आधारित नवाचार और सस्टेनेबल सॉल्यूशंस के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे यह एनर्जी और एनवायर्नमेंटल सेक्टर में अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित हो रहा है.

रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 

Published at:14 Feb 2025 04:42 PM (IST)
Tags:Jharkhand newsDhanbad newsDhanbad's IIT-ISMFIPIcontrol pollution at low costPan-India
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