धनबाद (DHANBAD): झारखंड कैबिनेट से बुधवार को 19 32 का खतियान लागू करने को मंजूरी मिलने के बाद कोयलांचल धनबाद में मिश्रित प्रतिक्रियाएं हुई हैं. कोई निर्णय को सही बता रहा है तो कोई कह रहा है कि यह राजनीतिक स्टंट है. सही बताने वाले यह कहते हैं कि निर्णय तो बिल्कुल सही है लेकिन राजनीतिक दल के नेताओं पर कोई भरोसा कैसे कर सकता है. कब वह क्या निर्णय कर देंगे ,यह कोई नहीं जानता है.
1932 के खतियान पर मिली मिश्रित प्रतिक्रियाएं
आज The Newspost की टीम ने धनबाद कोर्ट के अधिवक्ताओं की राय जानने का प्रयास किया, तो मिश्रित प्रतिक्रियाएं हाथ लगी.. अधिवक्ता देवराज ने कहा कि फैसला तो बिल्कुल सही है और झारखंड के हित में है, यह बहुत दिनों की मांग थी जो कि अब जाकर हासिल हुई है. यह अलग बात है कि इसे लागू राजनेता होने देंगे या नहीं ,यह कहा नहीं जा सकता. अधिवक्ता आशुतोष कुमार झा ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण है. गलत है, जनता नेताओं को चुनती है अपने हित में काम करने के लिए लेकिन नेता करते हैं ठीक इसके उलट.
जो झारखण्ड में जन्मे हैं उनका क्या होगा
अभी रोजगार देने की घोषणा हुई थी ,उस घोषणा पर काम करने के बजाय एक नया विवाद खड़ा कर दिया गया. अधिवक्ता अजय कुमार दुबे कहते हैं कि 2002 में भी इसे लागू करने की कोशिश की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया, फिर उसी मामले में विवाद पैदा करने के लिए सामने लाया गया है. अधिवक्ता विजय कुमार मंडल ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है, जो लोग झारखंड में जन्म लिए हैं , क्या वह झारखंडी नहीं है. जिन लोगों के पास एक छटाक भी जमीन नहीं है , झारखंडी नहीं है. सरकार के इस निर्णय को उन्होंने बिल्कुल गलत बताया और कहा कि इससे न झारखंड को लाभ होगा और झारखंड में रहने वाले लोगों को.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह के साथ प्रकाश महतो
