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Dhanbad: सिस्टम के मारे शहर झरिया को अब क्यों है एकमात्र अग्नि देव पर भरोसा, पढ़िए विस्तार से

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 2:22:10 AM

धनबाद(DHANBAD): भूमिगत आग  और जहरीली गैस से तंग  और तबाह  झरिया के लोगों ने एक अनूठी पहल की है. सिस्टम से हारे और निराश लोग  अग्नि देवता की प्रार्थना की और उनसे रक्षा की गुहार लगाई.  कहा कि अग्नि देव अब माफ करो, झरिया के लोगों को जीवित रखने में मदद करो.  लोगों ने अग्नि बंदना  की और एकता बंदन  भी किया. झरिया कोलफील्ड्स में भूमिगत आग 1916 से जल रही है और 109 वर्ष पूरे हो गए है.  इस अवसर पर, पिछले पाँच वर्षों की तरह, 31 अक्टूबर को सामाजिक संस्था, इंस्टीट्यूशन फॉर नेशनल एमिटी (INA) ने अग्नि के समक्ष 'राष्ट्रीय एकता' का संदेश देते हुए एक आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किया और झरिया कोलफील्ड्स के इस ऐतिहासिक प्रयास में   गन्सा डीह   में अग्नि प्रभावित क्षेत्र के समक्ष 109 मिट्टी के दीप प्रज्वलित किए, नारे लगाए और अग्नि देव से प्रार्थना की. चीना  कोठी (घनुडीह) के निकट आयोजित इस सामाजिक-सांस्कृतिक पहल का उद्देश्य झरिया कोलफील्ड्स की आग से होने वाली क्षति से सुरक्षा के लिए प्रार्थना करना था. 

 कार्यक्रम में बस्ताकोला, लिलोरीपथरा, झरिया और केंदुआ के कई बच्चे उपस्थित थे. 'इंस्टीट्यूशन फॉर नेशनल एमिटी' के संस्थापक पिनाकी राय ने कहा, "लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल के जन्मदिवस और लौह महिला इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर हम पिछले पाँच वर्षों से एक सामाजिक संदेश के लिए अग्नि बंदना कार्यक्रम आयोजित कर रहे है.  यह सभी के लिए एक श्रद्धांजलि है.  बच्चे अग्नि के समक्ष देश की अखंडता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लेते है. उन्होंने  आगे कहा, "यह सभी जानते हैं कि करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अग्नि पर काबू नहीं पाया गया.  अब ये झरिया के लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बन गए है.  अब हम इन अग्नि को अपने सांस्कृतिक जीवन में शामिल कर रहे है. बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात मोन्था के कारण हुई मूसलाधार बारिश के कारण, एक घर में 109 दीप जलाए गए.  दीप बार-बार बुझते रहे, लेकिन उत्साह बरकरार रहा. 

सीसीसी छात्रा  सुमन कुमारी, सुहानी कुमारी , राधिका कुमारी, जिया कुमारी, पायल कुमारी, मुस्कान कुमारी, व नंदनी कुमारी ने भजन गीत और रवींद्र संगीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर सब को  मोहित कर दिए.  कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता पिनाकी राय, मुंबई के फोटोग्राफर शांतनु दास, कलाकार संजय पंडित, मौसमी राय, सुमन कुमारी, गीता देवी, अनुराधा देवी, पायल कुमारी, लवली कुमारी, जिया कुमारी, राधिका कुमारी, दुर्गा कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, नंदनी कुमारी, गुंजन कुमारी, मुस्कान कुमारी, सिमरन कुमारी, राजू कुमार, राजवीर कुमार, नंदन कुमार, लता कुमारी, चांदनी कुमारी, काजल कुमारी आदि मौजूद थे. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

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