धनबाद(DHANBAD): उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला पंचायत स्थापना समिति की बैठक हुई. बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी आवेदनों की जांच करने के बाद 76 नवनियुक्त पंचायत सेवकों की सेवा संपुष्टि करने का निर्देश दिया. इसके बाद उपायुक्त ने स्क्रीनिंग समिति के साथ भी बैठक की, जिसमें 34 पंचायत सेवकों को संशोधित सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन (एम.एस.सी.पी.) प्रदान किया. बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सादात अनवर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश कुमार बाउरी, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
इधर ,पूर्वी गोविंदपुर के बराबांध पंचायत भवन में शुक्रवार को 'माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क', जो भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मान्यता प्राप्त एनबीएफसी-एमएफआई का एक राष्ट्रीय स्तर का स्व-नियामक संगठन है, ने क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण लिमिटेड के सहयोग से माइक्रोफाइनेंस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय, विशेष रूप से महिलाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान करना, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और सही ऋण व्यवहार को बढ़ावा देना था.
कार्यक्रम में विभिन्न गांव से कुल 115 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तथा गोविंदपुर थाना के शैलेन्द्र कुमार ने सभी महिलाओं को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर जानकारी दी और सावधान रहने की अपील की. वहीं एलडीएम ऑफिस से अधिकारी राजेंद्र कुमार, नाबार्ड के बसंत कुमार एवं गोविंदपुर पूर्वी पंचायत के मुखिया जयजीत मुखर्जी ने उपस्थित महिलाओं से अपनी आवश्यकता और क्षमता के अनुसार ही ऋण लेने तथा उसे समय पर चुकाने का आग्रह किया. कहा इससे वे अपने क्रेडिट रिकॉर्ड को बेहतर बना सकेंगे.
उन्होंने समय पर ऋण चुकाने की महत्ता पर बल देते हुए बताया कि यह एक अच्छे क्रेडिट रिकॉर्ड के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने बैंको द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओं, सरकारी योजनाओं तथा डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव पर विस्तृत जानकारी दी. साथ ही आम नागरिकों से साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क और सजग रहने की अपील की. माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क के रीजनल हेड, संजय कुमार, ने कहा कि वित्तीय साक्षरता हर व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है. कार्यक्रम के अंत में ग्राहकों को सलाह दी गई कि यदि उन्हें ऋण से संबंधित कोई समस्या या शिकायत हो, तो वे अपने लोन कार्ड पर अंकित 'ग्राहक शिकायत निवारण नंबर' या माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
