धनबाद(DHANBAD) | झरिया में "शूटआउट" की घटना की पूरी प्लानिंग बिहार के छपरा में ही बनी थी. धनबाद पुलिस भी छपरा में अपना ध्यान केंद्रित किये हुए है. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त , जो बाइक बरामद की है, उसके बारे में पता चला है कि वह 2 महीने पहले छपरा में ही खरीदी गई थी. फिर बाइक को धनबाद में ट्रक से लाया गया अथवा चला कर, इसकी जानकारी भी पुलिस जुटा रही है. क्योंकि पुलिस छपरा में बाइक मालिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. बाइक मलिक से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा कि बाइक का क्या रहस्य है? पुलिस को "शूट आउट" की प्लानिंग की भी जानकारी मिल सकती है. यह अलग बात है कि निश्चित रूप से झरिया में भी कोई लोकल लिंक रहा होगा.
पुलिस की नजर : झरिया में कौन था लोकल लिंक
बिना लोकल लिंक के शूटर झरिया में रहकर रेकी नहीं किए होंगे. पुलिस के लिए भी यह चुनौती है कि इस पूरे गैंग का खुलास करे. बता दे कि मंगलवार को फिल्मी अंदाज में प्रेम यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जिस साहस और दिलेरी से अपराधियों ने गोली मारी, उससे तो साफ लगा कि यह काम किसी शार्प शूटरों की ही है. अपराधियों ने घटना के बाद बाइक को तिसरा इलाके में छोड़कर फरार हो गए. मतलब उन्हें कैसे और किस रास्ते भगाना था, इसकी भी योजना उनके पास थी. प्रेम यादव झरिया में कहां रुका हुआ था, किसने उसे मकान उपलब्ध कराया, यह सब भी पुलिस के जांच के दायरे में है. बिहार के गैंगवार में धनबाद की झरिया में मारा गया प्रेम यादव सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय रहा करता था.
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था झरिया में मारा गया प्रेम यादव
सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर सक्रियता ही उसके लिए "काल" बन गई. सोशल मीडिया से ही सुपारी देने वालों को यह जानकारी मिली कि प्रेम यादव झरिया में पनाह लिए हुए है. लोग बताते हैं कि कुछ दिन पहले वह एक पोस्ट डाला था, जिसमें झरिया की कोई तस्वीर दिख रही था. बैकग्राउंड में झरिया लिखा दिख रहा था. फिर क्या था, विरोधी गुट ने शूटरों को तैयार किया और काम तमाम करा दिया. प्रेम यादव एक महीने से अधिक समय से झरिया में छुपकर रह रहा था. इधर, प्रेम यादव के पिता सुनील राय ने झरिया थाने में आठ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई है. सभी लोग छपरा के रहने वाले है. सुनील राय ने सुपारी देकर उनके पुत्र की हत्या करने का आरोप लगाया है. हत्या की सूचना पर सुनील राय बुधवार को धनबाद पहुंचे थे.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
