धनबाद (DHANBAD) : कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के एक दर्जन को जेल भेजने और जमशेदपुर के अपराधी भानु मांझी का हाफ एनकाउंटर करने के बाद धनबाद पुलिस, गैंग के वित्तीय प्रबंधन को ध्वस्त करने में जुट गई है. जेल भेजे गए लोगों से पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली है. उन इनफॉरमेशन को वेरीफाई किया जा रहा है और धनबाद के कई लोग पुलिस के रडार पर है. सीएचपी संचालकों की भी जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है. गल्फ कंट्री में रहने वाले वासेपुर के लोगों पर भी पुलिस की नजर है.
गिरोह के आर्थिक तंत्र को तोड़ने में लगी पुलिस
प्रिंस खान गिरोह धनबाद से निकलकर अब रांची और जमशेदपुर में भी अपना दायरा बढ़ा लिया है. इसलिए भी झारखंड पुलिस के लिए गिरोह के लोग लगातार चुनौती बनते जा रहे है. पुलिस अब गिरोह का आर्थिक तंत्र को तोड़ने में लग गई है. इधर, विधायक सरयू राय ने प्रदेश के मुख्य (गृह एवं कारा) मंत्री को पत्र लिख कर धनबाद के गैंगस्टर मो. हैदर अली उर्फ प्रिंस खान के प्रत्यर्पण की कार्रवाई पूरा करने के लिए भारत सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह किया है. गौरतलब है कि प्रिंस खान अभी संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में शरण लिए हुए है.
अब केवल धनबाद ही नहीं बल्कि बहार के ज़िलों में हो रही घटनाएं
सरयू राय ने पत्र में लिखा है कि दुबई में शरण लिए हुए गैंगस्टर मो. हैदर अली उर्फ प्रिंस खान को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाने के लिए झारखण्ड सरकार के गृह विभाग ने पत्रांक 5576, दिनांक 09.10.2023 के द्वारा भारत सरकार से अनुरोध किया था. उक्त के आलोक में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पत्रांक एफ. नंबर 25015/60/2023-एलसी द्वारा मो. हैदर अली उर्फ प्रिंस खान के भारत प्रत्यर्पण की कार्रवाई हेतु गृह मंत्रालय, सीपीवी डिवीजन एक्स्ट्राडिशन सेक्शन को निर्देशित करते हुए ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया. दो वर्ष बीत जाने के बाद भी गैंगस्टर मो. हैदर अली उर्फ प्रिंस खान के प्रत्यर्पण की कार्रवाई पूरी नहीं हुई. सरयू राय ने पत्र में लिखा है कि पहले प्रिंस खान की आपराधिक गतिविधियां धनबाद तक ही सीमित थी, परंतु अब इसके आतंक का विस्तार जमशेदपुर, राँची, बोकारो एवं अन्य स्थानों पर भी हो गया है.
विधायक ने उनके पास पहुंची शिकायतों का दिया है हवाला
उनके विधानसभा क्षेत्र (जमशेदपुर पश्चिम) के कई व्यापारियों एवं चिकित्सकों ने और राँची के भी कतिपय चिकित्सकों ने उन्हें सूचित किया कि प्रिंस खान किसी अज्ञात दूरभाष नम्बर से फोन करके उनसे दो करोड़, पाँच करोड़ रूपये तक की रंगदारी मांगता है और रंगदारी नहीं देने पर उसके गुर्गे उनके प्रतिष्ठानों के सामने फायरिंग करते हैं और उन्हें भयभीत करते है. राज्य के दैनिक समाचार पत्रों में प्रिंस खान के आतंक की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित हो रही है. स्पष्ट है कि प्रिंस खान का आतंक धनबाद के बाहर भी फैल रहा है. व्यवसायी तथा चिकित्सक उसके मुख्य शिकार बन रहे है. जो प्रिंस खान को रंगदारी नहीं देते, उनके खिलाफ उसके गुर्गे भयाक्रांत करने की कार्रवाई करते है. विधायक ने पत्र में लिखा है कि पंचम झारखण्ड विधानसभा में उन्होंने यह विषय वर्ष 2023 के शीतकालीन सत्र में ध्यानाकर्षण के माध्यम से सदन में उठाया था.
विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, क्या कहा
सरकार द्वारा उनके ध्यानाकर्षण का विस्तार से दो भागों में उत्तर दिया गया और आश्वस्त किया गया था कि भारत सरकार के माध्यम से प्रिंस खान को भारत लाया जाएगा और उसके विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उसके गुर्गा गैंग को भी नष्ट किया जाएगा. परंतु आज तक न तो उसके प्रत्यर्पण की कार्रवाई पूरी की गई और न ही उसके गुर्गों को ही नेस्तानाबूद किया गया. नतीजा है कि प्रिंस खान का आतंक अब जमशेदपुर और राँची तक फैल गया है. सरयू राय ने मुख्य (गृह एवं कारा) मंत्री से अनुरोध किया कि उनके ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का सरकारी उत्तर के आलोक में तथा राज्य में कानून -व्यवस्था बनाये रखने, यहाँ के नागरिकों विशेषकर व्यवसायियों एवं चिकित्सकों के मन में व्याप्त भय को दूर करने के लिए प्रिंस खान को भारत प्रत्यर्पण कराने तथा उसके विरूद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने के लिए भारत सरकार पर दबाव डालने की आवश्यक पहल करे.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
