धनबाद(DHANBAD): राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के टोल फ्री नंबर पर प्राप्त सूचना के आधार पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) धनबाद की त्वरित कार्रवाई से एक 70 वर्षीय घायल वृद्ध महिला को न सिर्फ तत्काल चिकित्सीय सहायता मिली, बल्कि आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई.दरअसल, केंदुआडीह थाना क्षेत्र की निवासी 70 वर्षीय सावित्री देवी को उनके पड़ोसी कामेश्वर भुइयां एवं उसकी पत्नी द्वारा मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. घटना की सूचना सावित्री देवी की पुत्री फूलो देवी ने नालसा के टोल फ्री नंबर पर दी. सूचना मिलते ही अवर न्यायाधीश सह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार धनबाद, मयंक तुषार टोपोनो के निर्देश पर टीम सक्रिय हो गई.
पैरा लीगल वॉलंटियर राजेश कुमार सिंह एवं योगेश कुमार ने तत्काल संबंधित थाना को सूचना दी तथा एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायल सावित्री देवी को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमसीएच), सरायढेला, धनबाद में भर्ती कराया। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की तीन सदस्यीय टीम, डेप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट के नेतृत्व में सहायक काउंसिल नीरज गोयल एवं सुमन पाठक अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल में कार्यरत पैरा लीगल वॉलंटियर चंदन कुमार एवं अनामिका सिंह के सहयोग से सावित्री देवी के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई. चिकित्सकों के अनुसार वृद्धा का पैर टूट गया है तथा उन्हें रक्त की आवश्यकता थी, जिसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए. परिजनों बिंदु देवी, फूलो देवी, ललिता देवी, हरिश्चंद्र भुइयां एवं रामचंद्र भुइया से मुलाकात कर टीम ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली.
परिजनों ने बताया कि रात्रि लगभग 3 बजे सावित्री देवी अपने कमरे में शोर कर रही थीं, इसी दौरान पड़ोसी कामेश्वर भुइयां और उसकी पत्नी कमरे में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए डंडे से मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। डालसा के प्रयास से आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. थाना प्रभारी केंदुआडीह ने टीम को आश्वस्त किया है कि आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र ही विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्राधिकार ने पीड़िता के परिजनों को मुकदमा लड़ने के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध करा दिया है. परिजनों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में डालसा की टीम उनके लिए मसीहा बनकर सामने आई.
