धनबाद(DHANBAD): हाजरा अस्पताल और आशीर्वाद टावर अग्निकांड के बाद धनबाद में सुरक्षा मानकों की जांच में तेजी आ गई है. सारे लोग चिंतित है. विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं. जांच पड़ताल चल रही है. अस्पतालों की जांच चल रही है लेकिन कोयलांचल के कुछ बड़े अस्पतालों की बात छोड़ दी जाए, तो छोटे अस्पतालों में किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत बचाव करना कठिन है. कारण है कि उपकरण की कमी है. वैसे तो धनबाद का अग्निशमन विभाग भी संसाधनों की कमी से जूझ रहा है. उसके पास पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं है. इस बीच धनबाद नगर निगम ने सिटी सेंटर में नक्शे का विचलन कर बनी 9 दुकानों को 7 दिनों के अंदर खाली करने का नोटिस दिया है.
बड़ी घटना घटने की संभावना
नगर निगम ने नोटिस में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नक्शे का विचलन का हवाला देते हुए दुकान खाली करने को कहा है. नगर आयुक्त की ओर से सभी दुकानों को नोटिस देते हुए कहा गया है कि अपर बेसमेंट में चल रही दुकानों में अग्निशमन की समुचित व्यवस्था नहीं है. भवन के पारित नक्शे के अनुसार प्रवेश, निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है. साथ ही वाहनों की पार्किंग की भी व्यवस्था नहीं है. भविष्य में कभी भी यहां बड़ी घटना होने की संभावना है. 7 दिनों के अंदर सभी दुकानों को खाली करने का निर्देश दिया गया है. सिटी सेंटर के दूसरे छोर पर जो निकास द्वार है, उसे घेरकर दुकान बना दी गई है. नगर निगम की जांच टीम की जांच में इसका खुलासा हुआ है. निकास द्वार बंद कर बनाई गई दुकान में रिलायंस फ्रेश चल रहा है. धनबाद के लगभग जितने भी मार्केट कंपलेक्स हैं, वहां के बेसमेंट को बिल्डरों ने बेच दी है. दुकान खुल गई है और पहुंचने वाले लोगों की गाड़ियां सड़क पर लगी रहती है. इससे ट्रैफिक की समस्या पैदा होती है. दो घटनाओं के बाद विभाग सक्रिय हुआ है, लेकिन देखना है कि आगे आगे होता है क्या. इसके साथ ही यह भी सवाल उठने लगे हैं कि आवासीय इलाके में पेट्रोल पंप खोल दिए गए हैं. इसकी जांच होनी चाहिए कि घनी आबादी के बीच में पेट्रोल पंप का चलना कितना सही है.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
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