धनबाद(DHANBAD): धनबाद की सड़कों पर देर रात गए विजिलेंस अधिकारी बन "डाका". यह डाका डालने वाले वाहनों पर बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर चलते हैं और जहां जी चाहता, वहीं से लूटपाट शुरू कर देते हैं. ऐसे ही एक मामले का खुलासा निरसा में सोमवार की देर रात को हुआ है.निरसा पुलिस ने सात फर्जी विजिलेंस अधिकारियों को पकडा है.
नकली विजिलेंस अधिकारी बन कर रहे थे वसूली
निरसा थाना प्रभारी दिलीप कुमार यादव ने सोमवार की रात गोपालगंज मोड़ के समीप नकली विजिलेंस अधिकारी बनकर वाहन चालकों से वसूली कर रहे सात लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दो कार भी जब्त किया है. जब्त किए गए कार के नंबर प्लेट के ऊपर स्टेट कन्वेनर, पश्चिम बंगाल, क्राइम एंड विजिलेंस सेल लिखा हुआ बोर्ड था. कार के अंदर से टीएमसी का झंडा एवं कार्यक्रम में अतिथियों को सम्मानित करने वाला बैच भी मिला है. सातों लोग फर्जी विजिलेंस अधिकारी बनकर एनएच टू से गुजर रहे वाहनों को रुकवा कर उनसे कागजात की जांच एवं तरह-तरह के बहाने बनाकर पैसे वसूल रहे थे.इसी दौरान एक वाहन चालक ने निरसा थाना प्रभारी को मामले की जानकारी दी.जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी दिलीप कुमार यादव दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और विजिलेंस अधिकारी बने सात लोगों को उनके वाहनों के साथ पकड़ कर थाना ले गए.
मामले की जांच करने के बाद पता चला कि यह लोग फर्जी विजिलेंस अधिकारी बनकर वाहन चालकों से पैसे की वसूली कर रहे थे. पकड़े गए सभी लोग बंगाल के रहने वाले है. थानेदार ने मामले की जानकारी वरीय पुलिस अधिकारियों को दे दी है. सभी लोगों को निरसा थाना में रखकर पूछताछ की जा रही है.
धनबाद(निरसा) से विनोद सिंह की रिपोर्ट
