धनबाद(DHANBAD):धनबाद में मेयर के बाद अब डिप्टी मेयर की कुर्सी "म्यूजिकल चेयर" बन गई है. खास बात यह है कि रिसोर्ट पॉलिटिक्स के बजाय होटल और डिनर पॉलिटिक्स के बल पर ही नेता अपनी वजूद दिखा रहे है. होटल में बैठक का दौर चल रहा है, तो शुक्रवार को डिनर पॉलिटिक्स भी हुई .
नवनिर्वाचित पार्षदों के लिए सिंह मेंशन में डिनर पार्टी का आयोजन
यह पॉलिटिक्स सिंह मेंशन में हुई .इसमें नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह शामिल हुए. जानकारी के अनुसार संजीव सिंह ने नवनिर्वाचित पार्षदों के लिए सिंह मेंशन में डिनर पार्टी का आयोजन किया था. कार्यक्रम तो नए पार्षदों से मिलने का था ,लेकिन असली वजह डिप्टी मेयर कौन होगा, इसके लिए रणनीति बनानी थी. कहा जा रहा है कि सिंह मेंशन में शुक्रवार की रात कौन डिप्टी मेयर होगा, इसकी गोलबंदी की गई. सिंह मेंशन जिसे चाह रहा है ,उसके पक्ष में लगभग 40 से अधिक पार्षद एकजुट हो गए हैं, इसका दावा किया जा रहा है .18 मार्च को डिप्टी मेयर का चुनाव होगा और अब यह लड़ाई सीधी होती दिख रही है.
पार्षद कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है
यह अलग बात है कि पार्षद कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है. संजीव सिंह भी कुछ नहीं बोल रहे हैं ,लेकिन हर दिन बदल रहे समीकरण के बीच पार्षदों को सिंह मेंशन में एक मंच पर लाने से संदेश बहुत साफ हो गया है. यह बात लगभग तय होती जा रही है कि डिप्टी मेयर चुनाव में भी संजीव सिंह का ही दबदबा रहेगा.
धनबाद में निगम की राजनीति अब महत्वपूर्ण हो गई है
यह अलग बात है कि उनके विरोधी भी चुप नहीं बैठे हैं. वह भी कुछ ना कुछ खेल करने की तैयारी में है. दरअसल धनबाद में निगम की राजनीति अब महत्वपूर्ण हो गई है .मेयर चुनाव में भारी मतों से जीतने के बाद सिंह मेंशन कोयलांचल की राजनीति का एक मजबूत केंद्र बन गया है. मेयर चुनाव में सिंह मेंशन के संजीव सिंह बागी बनाकर चुनाव मैदान में उतरे और डटे रहे .नतीजा हुआ कि उनकी जीत हुई और इसके साथ उनका विरोध करने वालों को मुंहकी खानी पड़ी. अब डिप्टी मेयर के लिए भी लड़ाई चल रही है .यह लड़ाई कौन जीतेगा, इसको लेकर नवनिर्वाचित पार्षदों के कंधे का इस्तेमाल हो रहा है. देखना दिलचस्प होगा कि डिप्टी मेयर पर कौन बैठता है. यह सब 18 मार्च को क्लियर हो जाएगा.