रांची(RANCHI): झारखंड का धनबाद जिला एक ऐसा जिला है जहां किसी भी अधिकारी की पोस्टिंग होने के बाद कह उसे छोड़ना पसंद नहीं करते है.ऐसे ही एक सिविल सर्जन आलोक विश्वकर्मा है,जो करीब 14 साल से धनबाद में पदस्थापित है.फिलहाल एक साल से वह सिविल सर्जन के पद पर है.अब सरकार की ओर से नौ साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे डॉक्टरों के ट्रांसफर को लेकर लेटर जारी किया गया.तब भी डॉक्टर विश्वकर्मा धनबाद से जाने को तैनात नहीं है.सिविल सर्जन हर दिन रांची का चक्कर लगा कर सेटिंग कर ट्रांसफर रोकवाने में लगे है.
रांची का चक्कर लगा रहे सिविल सर्जन
सिविल सर्जन आलोक विश्वकर्मा 14 साल से धनबाद में ही जमे हुए है. टुंडी PHC में वर्ष 2009 से 2013 तक फिर धनबाद PhC में 2014 से 2022 तक पदस्थापित रहे. उसके बाद उन्हें धनबाद का सिविल सर्जन बनाया गया. 2022 से फिलहाल अब तक वह धनबाद के सिविल सर्जन के पद पर बने हुए है. जब झारखंड सरकार की ओर से एक हि जिले में लंबे समय से जमे डॉक्टरों की लिस्ट जारी की गई तो उस लिस्ट में सिविल विश्वकर्मा का भी नाम शामिल है. बताया जा रहा है कि लिस्ट जारी होने के बाद सिविल सर्जन विश्वकर्मा रांची का चक्कर लगाना शुरू कर दिया है.
मालूम हो कि धनबाद SSP संजीव कुमार प्रोन्नति मिलने के बाद भी धनबाद SSP बने हुए है.अब ऐसा धनबाद में क्या है,जो सभी अधिकारी और डॉक्टर धनबाद से बाहर जाना पसंद नहीं करता है.
रिपोर्ट. समीर हुसैन
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