धनबाद(DHANBAD): धनबाद रेल मंडल के वरीय मंडल विद्युत अभियंता संजीव कुमार को दो प्रतिशत कमीशन की लालच ने जेल पहुंचा दिया. संजीव कुमार को शनिवार को सीबीआई के विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. बताया जाता है कि सीबीआई ने जो प्राथमिकी दर्ज की है, उसके अनुसार संजीव कुमार ने ठेकेदार अनिल कुमार झा के पांच विपत्रों को पारित करने की एवज में दो प्रतिशत रिश्वत की मांग की थी और इसी राशि को लेते हुए वह सीबीआई के हाथों ट्रैप हो गए. सूत्रों के अनुसार ठेकेदार अनिल कुमार झा ने सीबीआई से शिकायत की थी. घूस के लिए जो विपत्र पेंडिंग रखे गए थे , वह साल 2022- 23, 24- 25 और 25 -26 से संबंधित बताएं जा रहे हैं.
ठेकेदार के लगभग 25 लाख का बिल रोक रखा गया था
पांचो बिलों की रकम लगभग 25 लाख रुपए होते हैं. सूत्र यह भी बता रहे हैं कि पिछले महीने ही ठेकेदार ने सीबीआई से लिखित शिकायत की थी. उसी दिन से सीबीआई संजीव कुमार के पीछे लगी हुई थी. शुक्रवार की दोपहर 3:00 बजे सीबीआई की देखरेख में रिश्वत की रकम दी गई, उसके बाद उन्हें ट्रैप कर लिया गया. लंबी पूछताछ के बाद उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, उसके बाद जेल भेज दिया गया. संजीव कुमार के ठिकानों से लगभग 6 लाख रुपए जब्त किए गए हैं. इस संबंध में भी सीबीआई ने उनसे लंबी पूछताछ की है. आरोप है कि संजीव कुमार विपत्र के लिए बार-बार ठेकेदार को कार्यालय दौड़ा रहे थे. अनिल झा रेलवे के पुराने ठेकेदार बताए जाते हैं.
धनबाद डीआरएम कार्यालय में क्यों मचा है हड़कंप ---?
बता दें कि इसी पद पर रहे प्रवीण मिश्रा के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई थी. इस घटना के बाद धनबाद रेल मंडल के वरीय विद्युत अभियंता संजीव कुमार की चर्चा धनबाद से लेकर दिल्ली तक हो रही है. आखिर हो भी क्यों नहीं ,इतने बड़े पद पर बैठे अधिकारी को सीबीआई ने घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है .सीबीआई की टीम ने₹50,000 घूस लेते पकड़ा है. इस ट्रैप कांड के बाद डीआरएम कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है. संजीव कुमार बीआईटी सिंदरी से बीटेक की पढ़ाई पूरी की है. 2004 से 2008 तक पढ़ाई के बाद उन्होंने बीआईटी सिंदरी से इलेक्ट्रिकल ब्रांच में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने रेलवे में अपनी पारी की शुरुआत की. धनबाद में वह लगभग 5 साल से पदस्थापित हैं.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
