धनबाद(DHANBAD):राजनीति में न कोई किसी का दुश्मन होता और नहीं सदा के लिए दोस्त.काल और परिस्थिति के मुताबिक सबकुछ बदलता चला जाता है. धनबाद में इसका एक मजबूत उदहारण देखा -सुना जा रहा है. धनबाद में "गरम और नरम मिजाज" की राजनीति पींगें बढ़ाने लगी हैं. यह धनबाद भाजप में राजनीति का बिल्कुल नया "पैमाना" है. इस पैमाने पर कौन कितना खरा उतरेगा, आगे चलकर यह कितना मजबूत होगा, यह देखने वाली बात होगी। दरअसल, सोशल मीडिया पर पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह के एक कट्टर समर्थक ने पोस्ट किया है और कहा है कि आज सतुवानी पर नई राजनीति की आगाज के साथ धनबाद के अपराजित सांसद पशुपतिनाथ सिंह जी के आवास पहुंचे धनबाद के लोकप्रिय सांसद ढुल्लू महतो.
क्यों सतुआन पर नै राजनीति के आगाज की हो रही चर्चा
सांसद का अपराजित सांसद जी के नेतृत्व में सभी पुराने कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. इस मौके पर पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह, नितिन भट्ट, मिल्टन पार्थ सारथी, सुशील कुमार सिंह, अमलेश सिंह, राजकुमार सिंह, प्रकाश सिंह, राजीव रंजन, अमरजीत कुमार, राजकुमार मंडल, बंटी बरनवाल, तमाल राय, अशोक सिंह, गुरमीत सिंह और मैं खुद मौजूद था. उल्लेखनीय है कि सांसद का पूर्व सांसद के घर जाना कोई नई अथवा बड़ी बात नहीं है, लेकिन धनबाद में राजनीति की जो पृष्ठभूमि तैयार हो रही है,उसको लेकर यह बड़ी बात हो गई है.
धनबाद भाजपा में बन रहा नया समीकरण
बता दें कि धनबाद भाजपा में अब एक नए समीकरण बनाने की कोशिश हो रही है. दो दिन पहले संवाद कार्यक्रम में सांसद ढुल्लू महतो ने कहा था कि पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह हम लोगों के अभिभावक हैं. उनके पास कार्य का लंबा अनुभव है, तीन बार के विधायक हैं, तीन बार के सांसद हैं, झारखंड में मंत्री रह चुके हैं, झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. अब उनके अनुभव का लाभ लेते हुए धनबाद में पार्टी आगे बढ़ेगी। इस संवाद कार्यक्रम में विधायक राज सिन्हा को बुलाया नहीं गया था. इसकी भी खूब चर्चा रही. उन्हीं के विधानसभा में कार्यक्रम हुआ और राज सिन्हा को ही नहीं बुलाया गया था. वैसे भी अभी मेयर संजीव सिंह और सांसद ढुल्लू महतो के बीच "शीत युद्ध" चल रहा है. दोनों ओर से छायाबाद में तीर चल रहे हैं. संजीव सिंह कतरास में सांसद को ललकार रहे हैं तो सांसद झरिया में सिंह मेंशन को घेर रहे हैं.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो