धनबाद (DHANBAD): जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के पोषण आहार में अनियमितता और कटौती का मामला सामने आया है. आरोप है कि केंद्र में बच्चों को सरकारी तय मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है. मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई और लोगों ने केंद्र पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया. साथ ही सेविका और सहायिका के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की गई है.
पूरा मामला गोविंदपुर प्रखंड की भितिया पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-522 का है. ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र में बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और पोषण आहार में लगातार कटौती की जा रही है. बच्चों को पूरा अंडा देने के बजाय आधा अंडा परोसा जा रहा है, जबकि सरकार की ओर से निर्धारित मेनू में पूरे अंडे का प्रावधान है.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र में बच्चों को समय पर नाश्ता और दोपहर का भोजन नहीं मिलता. कई बार बच्चे बिना भोजन के ही घर लौट जाते हैं. लोगों का कहना है कि इससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर बुरा असर पड़ रहा है.
केंद्र की सेविका रुखसाना खातून और सहायिका गुलाबी महतो पर सरकारी राशन में गड़बड़ी करने का भी आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र में मिलने वाले राशन का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जाता. आरोप है कि सरकारी खाद्यान्न की जगह घर से थोड़ा बहुत सामान लाकर खानापूर्ति की जाती है.
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. हंगामे के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. अब देखने वाली बात यह होगी कि बच्चों के पोषण से जुड़े इस गंभीर मामले में प्रशासन कितनी जल्द कार्रवाई करता है और आंगनबाड़ी केंद्रों में हो रही कथित अनियमितताओं पर रोक लग पाती है या नहीं.
रिपोर्ट : नीरज कुमार