धनबाद(DHANBAD) | धनबाद नगर निगम में श्रीमती इंदु देवी, शेखर अग्रवाल के बाद बुधवार को शपथ के साथ ही संजीव सिंह शहर की सरकार के मुखिया बन गए है. डिप्टी मेयर बाघमारा के हरेंद्र चौहान के भाई अरुण चौहान चुन लिए गए है. चुनाव लगभग एकतरफ़ा हुआ है. यह अलग बात है कि इसकी संभावना पहले से ही व्यक्त की जा रही थी. परिणाम भी संभावना के अनुसार ही आया है. लेकिन इस परिणाम में एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी छुपा हुआ है.
जैसा कि कहां जा रहा था, धनबाद के एक बड़े नेता को "कट टू साइज" करने के लिए प्रयास चल रहा है और उसी प्रयास में अरुण चौहान आगे बढ़े हैं. अरुण चौहान को सिंह मेंशन का भी समर्थन था. संजीव सिंह भी चाहते थे कि अरुण चौहान ही डिप्टी मेयर बने और हुआ भी ऐसा ही. दरअसल, निगम चुनाव के साथ धनबाद की राजनीति घूम रही है. यह राजनीति कई कोणों को को जन्म दे रही है.
यह अलग बात है कि संजीव सिंह भी समझ रहे हैं कि निगम के संचालन के लिए सरकार के सहयोग की जरूरत होगी और इसके लिए उन्होंने प्रयास भी शुरू कर दिए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. धनबाद के विकास का रोड मैप उन्होंने सीएम को बताया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि सरकार हर संभव मदद करेगी। यह अलग बात है कि निगम चुनाव की घोषणा जब हुई, तो कोई सोचा नहीं था की राजनीति इस कदर बदलेगी।
बता दे कि पार्षद मेनका सिंह ने भी आज डिप्टी मेयर के लिए पर्चा भरा, इस वजह से चुनाव कराया गया. वोटिंग के बाद अरुण चौहान विजय घोषित किए गए है. अरुण चौहान को 45 वोट मिले हैं, जबकि मेनका सिंह को 5 वोट पर संतोष करना पड़ा है. डिप्टी मेयर की कुर्सी भी धनबाद की राजनीति की एक कड़ी बन गई है. अब देखना है आगे आगे होता है क्या---? डिप्टी मेयर की कुर्सी के लिए सब कुछ शांति से हुआ. बहुत हलचल नहीं देखी गई, जो हुआ सो अंदरखाने ही हुआ.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो