देवघर(DEOGHAR): देशभर में सहारा इंडिया द्वारा अपने निवेशकों और अभिकर्ताओं का पैसा नहीं दिया जा रहा है. जिस कारण अभिकर्ता और निवेशकों के बीच कई विषम परिस्थितियां उत्पन्न हो गई हैं. सहारा इंडिया से पैसे वापस दिलाने की जिम्मेवारी केंद्र सरकार की है. इसी को लेकर लगातार देशभर में आंदोलन किया जा रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को संयुक्त ऑल इंडिया जन आंदोलन संघर्ष न्याय मोर्चा की ओर से पूरे देश भर के जिला मुख्यालय पर आज एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित किया गया है. आज देवघर में भी कार्यक्रम आयोजित की गई.
2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्र सरकार के विरोध में मतदान
भूख हड़ताल के माध्यम से केंद्र सरकार से 2023 तक सहारा इंडिया में निवेश करने वाले निवेशकों का पैसा भुगतान करने का आग्रह किया गया है नहीं तो 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्र सरकार के विरोध में मतदान करने का निर्णय लेने की बात की जा रही है. मोर्चा की मुख्य मांगों में से अविलंब 3 लाख करोड़ का राहत पैकेज 13 करोड़ जमाकर्ता के लिए सेंट्रल रजिस्टार को भुगतान कराया जाए. इस पैसे की वसूली सहारा की संपत्ति बेचकर कर ली जाए और इस दौरान सहारा से पीड़ित होकर आत्महत्या कर लिए लोगों के परिजन को एक नौकरी और आर्थिक सहायता देने की भी मांग मोर्चा द्वारा की गई है. मोर्चा के देवघर जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सहारा द्वारा भुगतान नहीं तो केंद्र सरकार को मतदान नहीं. इन्होंने कहा कि सहारा की सभी सोसाइटी भारत सरकार द्वारा लाइसेंस देकर संचालित कराया गया है और समय-समय इसकी ऑडिट भी केंद्र सरकार ने किया है. इसलिए निवेशकों का भुगतान करवाना भी केंद्र सरकार की ही जिम्मेदारी है. देवघर जिला मुख्यालय के समीप आयोजित भूख हड़ताल कार्यक्रम में मोर्चा के काफी संख्या में लोग शामिल हुए.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर
