धनबाद(DHANBAD): कोयलांचल में बिजली का हाल बेहाल है. शायद ही कोई ऐसा घर बचा होगा, जहां बिजली के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई होगी. बिजली रहती कम है और जाती अधिक है. उपभोक्ताओं को बिल भुगतान के लिए पहले तो लाइन काटने की धमकी दी जाती है, लाइन काट भी दी जाती है. हम कह सकते हैं कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं की गर्दन मरोड़ कर पैसा तो वसूल ता है लेकिन जब उसे सुविधाएं देने की बात आती है तो पैर पीछे खींच लेता है. अब इधर बिजली विभाग पैसा वसूली के लिए म्यूजिक थेरेपी का इस्तेमाल शुरू किया है. मंगलवार को इसकी लॉन्चिंग की गई. बिजली विभाग बिल बकाया रखने वालों को भुगतान करने के लिए प्रेरित करने का नया तरीका ढूंढा है. सभी गली, मोहल्लों में बिजली विभाग की गाड़ी घूमेगी. गाड़ी में लगे स्पीकर से गाना बजता रहेगा की बिजली का बिल कर दो जमा नहीं तो कट जाएगी बिजली.
समय पर बिजली बिल जमा करने के लिए थेरेपी के जरिए लोगों को किया जाएगा जागरूक
बिजली विभाग के सूत्रों का कहना है कि उपभोक्ताओं के पास अधिक बिल बकाया है. बिल वसूली के लिए अब म्यूजिक थेरेपी का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया है. इस थेरेपी के जरिए लोगों को समय पर बिजली बिल जमा करने के लिए जागरूक किया जाएगा. शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी बिजली विभाग के प्रचार वाहन घूमेंगे और गीत बजाया जाएगा. इधर, बिजली विभाग की व्यवस्था यह है कि उपभोक्ताओं को समय पर बिल तक नहीं मिलता है. कभी ऊर्जा मित्रों की हड़ताल तो कभी और कोई बहाना. उपभोक्ताओं के पास बिल कब पहुंचेगा, इसकी कोई निश्चित तिथि नहीं है. कब ऊर्जा मित्र बिल देंगे ,इसका कोई टाइम नहीं है, इस वजह से भी लोगों को परेशानी होती है. कभी कभार तो कई महीनों के बिल एक साथ निकाले जाते हैं. ऐसे में सीमित संसाधनों से घर परिवार चलाने वाले लोगों को परेशानी होती है. बिजली विभाग को चाहिए कि हर इलाके के लोगों को यह जानकारी दें कि अमुक तारीख को उनके घर ऊर्जा मित्र पहुंचेंगे और उन्हें बिल हैंड ओवर कर देंगे. अगर बिजली विभाग इस नियम को सुनिश्चित कर ले तो कोई भी ऐसा उपभोक्ता नहीं होगा जो कम से कम बिजली का बिल बकाया रखना चाहेगा. बिजली विभाग कम से कम अपने कार्यालय का ही सर्वे करा ले कि रोज ऑफिस में कितने उपभोक्ता बिल में करेक्शन कराने के लिए पहुंचते हैं. वहां पहुंचने पर उन्हें किन किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आज के जमाने में भी अगर इस व्यवस्था से उपभोक्ता परेशान हैं तो यह बिजली विभाग का ही दोष कहा जाएगा.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
