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देवघर: देश भर के मंदिरों में सरकारी हस्तक्षेप का होगा विरोध, 17 और 18 दिसंबर को देवघर में तीर्थ पुरोहित महासभा का राष्ट्रीय अधिवेशन

देवघर: देश भर के मंदिरों में सरकारी हस्तक्षेप का होगा विरोध, 17 और 18 दिसंबर को देवघर में तीर्थ पुरोहित महासभा का राष्ट्रीय अधिवेशन

देवघर(DEOGHAR): आगामी 17 और 18 दिसंबर को देवघर में अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा. इसमें भाग लेने के लिए अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक देवघर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने प्रेस वार्ता की. उन्होंने इस दौरान कहा कि देश भर के मंदिरों में सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए. वहां पूजा की व्यवस्था स्थानीय पुरोहितों के पास ही रहना चाहिए. मंदिरों में सरकारी हस्तक्षेप का पुरजोर विरोध अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा करता है. इतना ही नहीं इन दिनों मंदिरों का इतिहास समाप्त कर कोरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है. ऐसा प्रतीत होता है की सरकार तीर्थ स्थान को तीर्थ की भावना से विकास नहीं कर पर्यटन की भावना से विकास कर रही है. इसका भी विरोध अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने किया है.

कई अहम मुद्दों पर की गई चर्चा

पंडा धर्म रक्षिणी सभा के कार्यालय में आयोजित पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. सबसे पहले इन दिनों देश भर के मंदिरों में सरकारी हस्तक्षेप का विरोध करते हुए कहा है कि वहां की सरकार सिर्फ पर्यटन का विकास,यात्रियों की सुविधा मुहैया कराने में हस्तक्षेप करें न कि मंदिरों में पूजा की व्यवस्था और वहां के प्रबंधन में हस्तक्षेप करें. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मंदिरों की व्यवस्था और पूजा कराने का जिम्मा पुरोहितों के पास रहना चाहिए, क्योंकि आदिकाल से ही पुरोहितों द्वारा इसका निर्वहन किया जा रहा है. वहीं इन दिनों तीर्थ स्थान को कोरिडोर के रूप में विकास करने का महासभा द्वारा विरोध किया जा रहा है. महासभा के अनुसार मंदिरों का विकास हो लेकिन पौराणिक अस्तित्व से छेड़छाड़ ना की जाए. कोरिडोर का निर्माण हो लेकिन तीर्थ की भावना से विकास हो, इसमें स्थानीय पुरोहितों को ध्यान में रखते हुए कोरिडोर का निर्माण कराया जाए न कि पर्यटन की भावना से.

सरकार सिर्फ मंदिरों का ही कर रही अधिग्रहण

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया है कि देश में न मस्जिद का न गुरुद्वारों का और न ही चर्चों का अधिग्रहण किया जा रहा है. जबकि सरकार बड़े पैमाने पर मंदिरों का ही अधिग्रहण कर रही है. वहीं देवघर में आयोजित होने वाले दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में इन सभी मुद्दों के अलावा स्थानीय मुद्दा, राष्ट्रीय मुद्दा, तीर्थों की समस्या, तीर्थों को जोड़ने की बात, महासभा के मजबूती की चर्चा इत्यादि विषयों पर विचार-विमर्श की जाएगी. इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर के 100 तीर्थों से लगभग हजारों पुरोहित भाग लेंगे. प्रेस वार्ता के दौरान पंडा धर्म रक्षिणी सभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे.

रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर  

 

Published at:15 Dec 2022 05:44 PM (IST)
Tags:Deoghargovernment interference in templesnational convention of Teerth Purohit MahasabhaTeerth Purohit MahasabhaDEOGHARBABA DHAMthenewsposttnpjharkhand news
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