देवघर(DEOGHAR): सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थित सुनिश्चित कराने को लेकर सरकार पानी की तरह पैसे बहा रही है. बच्चों को लुभाने के लिए मध्यान भोजन की भी व्यवस्था की जाती है. मध्यान भोजन के लिए सारी व्यवस्था सरकार की ओर से की जाती है. इसके संचालन का जिम्मा विद्यालय प्रबंधन समिति की रहती है. इनके द्वारा दाल,अंडा सब्जी फल की खरीदारी की जाती है. सिर्फ चावल सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है. लेकिन देवघर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मसनजोरा के प्रधानाचार्य महेश राम बच्चों के निवाला पर डाका डाले हुए हैं.
स्थानीय ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ा
दरअसल सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई चावल को प्रधानाचार्य बेचने के फिराक में थे. लगभग 12 बोरा चावल एक पिकअप वाहन में लादकर उसे बेचने जा रहे थे. तभी स्थानीय ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथ पकड़ लिया गया. पकड़े जाने के बाद प्रधानाचार्य द्वारा विभिन्न तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं. ग्रामीणों की माने तो लगातार इस तरह चावल बेचने की शिकायत स्कूली बच्चों द्वारा मिलती रही है लेकिन कभी कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा. आज रंगे हाथ पकड़ने से यह साबित होता है कि प्रधानाचार्य द्वारा लगातार इस तरह की हेरा फेरी करते आया जा रहा है. स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारी सहित स्थानीय पुलिस को कर दी गई है. उम्मीद की जा रही है कि विभाग द्वारा जांच के बाद कड़ी कार्रवाई प्रधानाचार्य पर होगी. अगर कार्यवाही नहीं होती है तो इस तरह के संगीन जुर्म में विभागीय पदाधिकारी भी शामिल हैं. उधर पुलिस द्वारा भी ग्रामीणों के आरोप पर जांच की जा रही है.
रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा