कोडरमा ( KODERMA) - जिले की जनता के सुख-दुख में हमेशा शामिल होने वाली नेत्री पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने एक बार फिर आगे आकर जिले वासियों की भावनाओ को पढ़ते हुए अपनी जिम्मेदारी को निभाया है. उन्होंने ना सिर्फ वृंदा वाटरफॉल में 3 छात्रों के असमय मौत पर गहरा दुख जताया, बल्कि पीड़ित परिवार और घर के चिराग मिटने से मर्माहत बच्चों के मां से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया साथ ही वृंदाहा फॉल की सुरक्षा के लिए आगे आकर राज्य के मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री, कोडरमा उपायुक्त से विभिन्न सुरक्षा के मापदंडों की मांग पत्र सौंप कर अविलंब कार्यवाही करने की मांग की है.
जिप अध्यक्ष की सुरक्षा के 5 मांग
उन्होंने गझंडी स्थित वृंदाहा वाटरफॉल की सुरक्षा के लिए 5 ठोस एवं महत्वपूर्ण मांग की है. जिसमें वृंदाहा वाटरफॉल स्थल पर चेकपोस्ट का निर्माण किये जाने, वाटरफॉल स्थल पर दिन में 2 सुरक्षा गार्ड या जवान की तैनाती करने की मांग, झरने के अत्यधिक गहराई वाले स्थल को अविलंब बोल्डर से भराने की मांग, झरने के पानी की गहराई से पूर्व चारों तरफ मजबूत घेरे और रेलिंग का निर्माण कि मांग के साथ वाटर फॉल की गहराई से पूर्व डेंजर जोन में ( यहां अत्यधिक गहराई है, डूबने की आशंका है, कृपया इधर ना आएं ) आदि संकेत का बड़ा बोर्ड लगाये जाने की मुख्य मांग शामिल है।.
सरकार और प्रशासन से मांग
उन्होंने कहा भविष्य में अब किसी मां की गोद और किसी घर का चिराग नहीं मिटने दूंगी. इसके लिए हमने जिले के उपायुक्त आदित्य रंजन से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री तक अविलंब सुरक्षा के इंतजाम करने की गुहार लगाई है. मुझे उम्मीद है कि इस पर सरकार और प्रशासन त्वरित कार्यवाही करेगी और ऐसी घटना कि भविष्य में कभी पुनरावृत्ति नहीं हो सकेगी. बताते चलें शालिनी गुप्ता इस मुद्दे को लेकर रांची पर्यटन मंत्रालय पहुंची . परंतु मंत्री महोदय के मधुपुर जाने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पाई. जिले में इतनी बड़ी घटना पर एकमात्र शालिनी गुप्ता के निराकरण के लिए आगे बढ़े कदम की जिले वासी जमकर सराहना कर रहे हैं. शालिनी गुप्ता के इस प्रयास के बाद कोडरमा जिले के लोगों की निगाहें जिला प्रशासन पर है देखना है, कितनी जल्द वृंदाहा वाटर फॉल पर सुरक्षा के सभी मानकों का इंतजाम हो पाता है.
रिपोर्ट - अमित कुमार, झुमरी तिलैया
