देवघर (DEOGHAR): देवघर के जसीडीह थाना क्षेत्र में पिछले दिनों कब्र खोदकर निकाली गई लाश अपराधिक किस्म के व्यक्ति रहे विष्णु मिर्धा की थी. वो देवीपुर थाना क्षेत्र के भोजपुर का रहने वाला था. बीते 17 तारीख को मिर्धा दोस्तों के साथ घर से निकला था, लेकिन वह वापस नहीं आया. पिता ने उसकी गुमशुदगी की सूचना देवीपुर थाना को दी थी. इसके बाद से ही पुलिस मिर्धा की तलाश जोर-शोर से कर रही थी. पुलिस की खोजबीन के बीच जसीडीह थाना क्षेत्र के कोठिया के पास उसकी लाश एक गड्ढा में गड़ी हुई मिली.
क्या था मामला
लाश मिलते ही पुलिस ने इसकी जांच पड़ताल शुरू की. पता चला कि मृतक अपराधिक किस्म का है और वह अपने साथियों के साथ बिहार के चकाई में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए गया था. मृतक और उसके साथी सभी बम और बंदूक से लैस थे. चकाई पहुंचने के बाद घटना को अंजाम देने के लिए वह एक जगह रुके जहां विष्णु मिर्धा के पास रखा बम अचानक विस्फोट कर गया. विस्फोट से विष्णु बुरी तरह घायल हो गया था.. घायल अवस्था में उसको मित्रों द्वारा वापस देवघर लाया गया. जसीडीह थाना के कोठिया के समीप स्थित विष्णु के मित्र का घर था. पुलिस के डर से घायल अवस्था में विष्णु को वहीँ रखा गया. लेकिन इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई. मौत के बाद विष्णु मिर्धा का शव छुपाने के लिए उसके मित्रों ने पास ही एक जमीन में उसे गाड़ दिया. कुछ दिन बाद शव से दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना जसीडीह थाने को दी. पुलिस ने गड्ढा को खोदने पर विष्णु मिर्धा का शव बरामद किया. इस संदर्भ में मामला दर्ज करते हुए मृतक के मित्रों से पूछताछ की गई. इसी क्रम में यह बातें सामने आई कि मृतक अपने दोस्तों के साथ चकाई में कोई बड़ी घटना को देने के लिए गया था. जहां अचानक बम फटने के बाद उसकी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने मृतक के तीन दोस्त अजय कुमार, नितेश कुमार और मोहन मिर्धा को गिरफ्तार किया है. इन तीनों ने ही शव को गाड़ा था. सदर एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अजय कुमार के ऊपर देवघर जिला के विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट, विस्फोटक इत्यादि से संबंधित कई मामले दर्ज हैं. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार व्यक्तियों से गहन पूछताछ कर पूरे गिरोह की जानकारी ले रही है.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर
