धनबाद(DHANBAD): धनबाद रेलवे स्टेशन पर लगभग 85 मिनट तक भागमभाग का शुक्रवार को माहौल था. बहुत देर बाद लोगों को पता चला कि 'मॉक ड्रिल' हो रहा है. इसके पहले स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल था. यह माहौल धनबाद जंक्शन के दक्षिण छोर की ओर बना था. समय था सुबह के 9:40 बजे. लोग यह सोचने लगे कि क्या कहीं रेल दुर्घटना हो गई है. क्योकि आपाधापी मची हुई थी लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि यह तो सजीव अभ्यास किया जा रहा है. "मॉक ड्रिल" में घटनास्थल पर रेल दुर्घटना की वास्तविक स्थिति बनाकर धनबाद मंडल एवं एनडीआरएफ की टीम काम कर रही थी. किसी भी दुर्घटना में फंसे यात्रियों को राहत पहुंचाने और उन्हें बचाने का सजीव अभ्यास किया जा रहा था.
"मॉक ड्रिल" के लिए पटना से आई थी एनडीआरएफ की टीम
"मॉक ड्रिल" में धनबाद मंडल के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी के साथ एनडीआरएफ की टीम ,अग्निशमन विभाग तथा राज्य पुलिस के कर्मी मौजूद थे. दरअसल सुरक्षित रेल परिचालन के लिए पूर्व मध्य रेलवे धनबाद स्टेशन पर शुक्रवार को यह अभ्यास किया. धनबाद मंडल तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल( एनडीआरएफ) पटना स्थित 9 वीं बटालियन ने संयुक्त रूप से किया गया अभ्यास पूरी तरह से सफल रहा. इस दौरान रेलवे के अधिकारी भी मौजूद रहे. मंडल रेल प्रबंधक कमल किशोर सिन्हा पूरे अभियान का जायजा लिया. यह अभियान लगभग 85 मिनट का रहा. 'मॉक ड्रिल' से पूर्व बैठक भी की गई और जानकारियों का आदान -प्रदान किया गया.
राजस्व वसूली में देश नंबर वन बन गया है धनबाद
धनबाद रेल मंडल सभी डिवीज़न को पछाड़कर राजस्व के मामले में देश का नंबर वन डिवीजन बन गया है. धनबाद पर अभी सबकी निगाहें है. सुरक्षित यात्रा को लेकर नंबर वन का खिताब मिलने के बाद धनबाद मंडल सजग और चौकन्ना हो गया है. अपने क्षेत्र में ट्रेनों के समय पर परिचालन के लिए भी लगातार अभियान चला रहा है. ऑपरेशन "समय पालन" अभियान काफी सफल रहा है. एक महीने में बिना वजह चेन पुलिंग कर ट्रेनों को रोकने वालों से लगभग 95000 जुर्माना वसूला गया है. 134 लोगों को हिरासत में लेकर कार्रवाई की गई है. इसका सकारात्मक असर धनबाद रेल मंडल होकर गुजरने वाली ट्रेनों पर दिखने लगा है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
