चाईबासा (CHAIBASA): चाईबासा के प्रसिद्ध डाक्टर अरुण कुमार, उनके बेटे डा.शांतनु कुमार, पत्नी आशा देवी और ननद स्मृति कुमारी के खिलाफ जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना में दहेज प्रताड़ना की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. यह प्राथमिकी डा. अरुण कुमार की बहू जमशेदपुर में नार्दन टाउन निवासी वेदिका कश्यप ने दर्ज कराई है. वेदिका ने शादी के पांच साल बाद अपने ससुरालवालों के खिलाफ दहेज में 25 लाख रुपये मांगने और नहीं देने पर घर से निकाल देने का आरोप लगाते हुए यह प्राथमिकी दर्ज कराई है.
शादी के पांच साल बाद मिला धोखा
दर्ज प्राथमिकी में वेदिका कश्यप ने बताया है कि उसकी शादी 10 दिसंबर 2017 को वेव इंटरनेश्नल होटल में डा. अरुण कुमार के बेटे डा. शांतनु कुमार से हुई थी. वेदिका को बताया गया था कि उसका पति दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रेसीडेंट डाक्टर है. उस समय वेदिका बाइजूस क्लासेस बंगलोर के एडमिनिस्ट्रेटिव आफिस में एचआर थी. शादी के पहले ही उससे नौकरी छुड़वा दी गई थी. शादी के बाद उसे चाईबासा में रखा गया था. यहां पर उसे पति से ठीक से बात तक करने नहीं दिया जाता था. चाईबासा में उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. पति के कारण वह विरोध नहीं कर पा रही थी. डेढ़ साल बीतने के बाद जब वह पति के पास चंडीगढ़ गई, तब पति का रवैया बिल्कुल ही बदला हुआ था.
ससुराल वालों ने छीना बच्चा
बहु ने बताया कि पति और सास उससे 25 लाख रुपये की मांग करने लगे. बोलते थे कि 25 लाख रुपये लेकर आओ तभी बहू का दर्जा देंगे नहीं तो तलाक दे देंगे. प्राथमिकी में कहा गया है कि वेदिका का दो साल का एक बेटा है, जिसे ससुरालवालों ने छीन लिया और उसे घर से भगा दिया. किसी तरह से वह दिल्ली एयरपोर्ट से 4 अगस्त को रांची होते हुए जमशेदपुर पहुंची और माता-पिता को घटना की जानकारी दी. इसके बाद बिष्टुपुर में केस किया गया.
रिपोर्ट: संतोष वर्मा, चाईबासा
