जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): दलमा की पहाड़ियों में अब महिलाओं के हाथों से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी जाएगी. वन विभाग ने दलमा क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल करते हुए सिलाई मशीन वितरण योजना शुरू की है. इसके तहत कुल 8 सिलाई मशीनें मंगवाई गई हैं, जिन्हें एक-दो दिनों के भीतर महिला समितियों के बीच बांटा जाएगा. फिलहाल पहले चरण में 8 महिला समितियों को सिलाई मशीनें दी जाएंगी. विभाग का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं को घर बैठे रोजगार का अवसर मिलेगा और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगी. सिलाई-कढ़ाई के माध्यम से महिलाएं कपड़े तैयार कर स्थानीय बाजार में बेच सकेंगी, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी. ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि यह पहल उनके लिए बड़ी मदद साबित होगी. मशीन मिलने के बाद वे सिलाई सीखकर खुद कमाई कर सकेंगी. वन विभाग की यह पहल दलमा की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है. दलमा क्षेत्र में वन विभाग लगातार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए अलग-अलग योजनाएं चला रहा है. इससे पहले महुआ से अचार बनाना, पत्तों से प्लेट - दोना बनाना समेत अन्य आजीविका योजनाओं पर काम किया गया है. अब सिलाई मशीन वितरण से महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है.
महिलाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण
सिलाई मशीन वितरण से पहले महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ताकि मशीन मिलने के बाद वे तुरंत काम शुरू कर सकें. दलमा में चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में बाहर से अनुभवी प्रशिक्षकों को बुलाया गया है. ये महिलाओं को सिलाई की बारीकियां सिखा रहे हैं. प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं कपड़ा काटने, मशीन चलाने समेत वस्त्र सिलने की तकनीक सीख रही हैं. महिलाओं में इस प्रशिक्षण को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. बड़ी संख्या में महिलाएं रोज समय पर पहुंचकर मन लगाकर सीख रही हैं. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सिलाई मशीनों का वितरण किया जाएगा. इस पहल से दलमा की महिलाओं के लिए आय का नया रास्ता खुलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी.
8 मशीनें लाई गई है: डीएफओ
दलमा के डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि महिला समितियों के बीच फिलहाल 8 सिलाई मशीनें बांटी जाएगी. मशीनें मंगा ली गई है. यह महिलाओं के लिए आय का श्रोत बनेगा. इससे पहले भी दलमा की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विभाग द्वारा कई काम किए गए है. महुआ से अचार बना यहां की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है. इसके अलावा जंगल में मिलने वाले पत्ते भी महिलाओं के लिए आए का श्रोत बना है.