जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) : राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में एक दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी अब पक्षियों का संसार बनकर उभर रहा है. दलमा हाथियों के लिए प्रसिद्ध है लेकिन अब लोग दलमा को रंग बिरंगे और दुर्लभ पक्षियों का संसार भी बता रहे है. दलमा में 250 से अधिक दुर्लभ और रंग-बिरंगे पक्षियों की प्रजातियां दर्ज की गई हैं. इससे दलमा क्षेत्र की जैव विविधता और समृद्ध हो गई है.
घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और शांत वातावरण इन पक्षियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल आवास प्रदान कर रहे है. कई विदेशी पक्षियों को भी यहां देखा गया है. यहां पक्षियों का रंगीन संसार पर्यटकों को भी रोमांचित कर रहे है. पर्यटक पक्षियों को करीब से देख पाए इसके लिए वन विभाग ने दलमा में हैंगिंग ब्रिज भी बनाया, यह ब्रिज पेड़ पर बनाया है. इससे लोग पेड़ों पर बैठने वाले पक्षियों को करीब से देख सकते है. वन विभाग भी दलमा में पक्षियों की संख्या बढ़ने से उत्साहित है.
कौन- कौन से दुर्लभ पक्षी है मौजूद
दालमा में देखे जाने वाले प्रमुख दुर्लभ पक्षियों में ग्रेटर ट्री पाई, ब्लैक हूडेड ओरिओल, कॉमन सनबर्ड, हॉक कुक्कू, रेड अवदावत, ओरिएंटल व्हाइट आई, इंडियन पिट्टा और मॉटल्ड वुड आउल शामिल हैं. इसके अलावा इंडियन पैराडाइज फ्लाईकैचर, सुल्तान बुलबुल, ब्रॉन्ज ड्रोंगो और शिकार करने वाले पक्षियों की कई प्रजातियां भी यहां पाई जाती हैं. ये पक्षी न केवल स्थानीय हैं, बल्कि कई प्रवासी प्रजातियां भी मौसम के अनुसार यहां पहुंचती हैं.
250 से ज्यादा पक्षी प्रजातियों से गुलजार दलमा
राज्य में सिर्फ दलमा ही एक ऐसी जगह है जहां बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है. पिछले 2 साल से यहां बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है. इसमें देश भर के अलग-अलग स्कूल और कॉलेज से विद्यार्थी भाग लेते हैं और विशेषज्ञों के साथ में नए पक्षियों की खोज करते हैं. बर्ड फेस्टिवल के दौरान यहां ढाई सौ से अधिक प्रजातियों की रंग बिरंगी पक्षियां देखी गई थी.
रिपोर्ट - रोहित सिंह