✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

Cyber Crime: ऐप बनाने -बेचने के बाद खुद का साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल खोलने का भी पढ़िए कैसे हुआ खुलासा

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 3:11:01 AM

धनबाद(DHANBAD):  अगर यह कहा जाए कि साइबर अपराधियों ने अपनी समानांतर व्यवस्था कायम कर ली है, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.  जामताड़ा से पकड़े गए गिरोह  से खुलासा हुआ था कि साइबर अपराधियों  ने खुद का एप  तैयार कर लिया है.   लोगों को भेज कर इससे ठगी कर रहे है. पुलिस पूछताछ में गिरोह के लोगो ने बताया था कि यह ऐप डाउन लोड करते ही करने वाले  का सारा डिटेल्स अपराधियों के पास चला जाता है और फिर बिना कुछ पूछे ही  उनका बैंक खाता खाली कर देते है.  बात सिर्फ इतनी ही नहीं खुली थी, यह भी पता चला था कि साइबर अपराधी अब इस ऐप को अन्य गिरोह को बेच भी रहे है. 

साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल भी खोल लिया है अपराधियों ने 
 
 इधर, यह भी  खुलासा हुआ है कि ऐप  बनाने और बेचने के अलावा साइबर अपराधियों  ने साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल भी खोल लिया है.  इसकी सूचना मिलने के बाद गृह मंत्रालय की इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर  ने सभी राज्यों की पुलिस को सूचना जारी की है.  पता चला है कि किसी ने साइबर ठगी का शिकार होने के बाद गूगल सर्च पर शिकायत के लिए लिंक की तलाश की तो कस्टमर लीगल एडवाइस डॉट इन मिला.  जिसमें शिकायत दर्ज करने के पैसे मांगे गए.  इसके बाद इसका खुलासा होने के बाद   गृह मंत्रालय की इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर  ने अलर्ट जारी किया है.  

जामताड़ा में अभी हाल ही में पकड़ाये थे छह साइबर अपराधी 

 झारखंड के कुख्यात जामताड़ा में अभी हाल ही में पकड़ाये  6  साइबर अपराधियों के गिरोह ने पूरे देश की पुलिस का ध्यान  अपनी ओर खींचा था .  पुलिस भी  उनकी करतूत सुन -जानकर हैरत में  थी .  यह गिरोह केवल फर्जी ऐप  ही तैयार नहीं करता , बल्कि उनका यह फर्जी ऐप  एंटी वायरस की पकड़ में ना आये. इसका भी तोड़ उन लोगों के पास मौजूद था .   जामताड़ा में डीके बॉस  के नाम से 11 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुके साइबर अपराधियों के इस गिरोह  से पूछताछ में इन सब बातों का खुलासा हुआ था .  खुलासे  के बाद झारखंड  सीआईडी और केंद्रीय गृह मंत्रालय की संस्था आई 4 सी  के द्वारा नए साइबर ठगी के मॉडल की तोड़ निकालने की कोशिश शुरू हो गई है.  यह बात भी सच है कि पुलिस साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी तो कर रही है, लेकिन नई-नई तरकीब से नए नए गिरोह लगातार ठगी कर रहे है. 

पांच गिरिडीह के  और एक देवघर के थे साइबर अपराधी 
 
जामताड़ा पुलिस ने जिन 6 लड़कों को गिरफ्तार किया था.  उनमें से पांच गिरिडीह के  और एक देवघर के थे . बता दें कि जामताड़ा पुलिस ने  अभी हाल ही में   देश भर में 415 एफआईआर  से जुड़े 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की थी.   इस गिरोह पर 11 करोड रुपए से भी अधिक की ठगी करने का आरोप था .  इनकी गिरफ्तारी नारायणपुर से  की गई थी .    पकड़ाए लडके  बहुत अधिक पढ़े -लिखे नहीं थे .   बताया जाता है कि इन अपराधियों के बने ऐप को डाउनलोड करते ही डिवाइस का नियंत्रण उनके पास चला जाता है.  इससे साइबर अपराधियों को मोबाइल में रखे बैंक अकाउंट, पासवर्ड, एटीएम कार्ड का नंबर सहित सभी जानकारी मिल जाती है.  इसके बाद वह असली खाताधारक से बगैर कुछ पूछे ही बैंक से पैसा निकालने में सक्षम हो जाते है.

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  

 

Tags:DhanbadCyberCriminalsPortalPoliceCyber crimeCyber criminal

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.