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अभिशाप या वरदान! सीएम हेमंत का बयान- बेहतर भविष्य के लिए पलायन बुरा नहीं

अभिशाप या वरदान! सीएम हेमंत का बयान- बेहतर भविष्य के लिए पलायन बुरा नहीं

रांची(RANCHI)- पलायन के दंश से मुक्ति के नारों के साथ सत्ता में आये सीएम हेमंत ने कहा है कि झारखंड की 80 फीसदी आबादी गांवों में निवास करती है, आज भी इस आबादी को मूलभूत सुविधाओं का इंतजार है, सरकार आयी और गयी, लेकिन इनकी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया, आज भी हमारे युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन को बाध्य हैं, आजीविका संकट आज भी उनके सामने मुंह बाये खड़ा है, इस परिस्थिति में यदि हमारे युवा अपना भविष्य संवारने के लिए पलायन कर रहे हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है, बशर्ते की इस पलायन से इनकी जिंदगी में बदलाव आये, उन्हे एक बेहतर जिंदगी मिले, और वह आनी वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित भविष्य दे सकें.

बेरोजगारी के इस दंश को कम करने की हर संभव कोशिश जारी

सीएम हेमंत ने कहा वैसे हमारी सरकार बेरोजगारी के इस दंश को कम करने की हर संभव कोशिश कर रही है, प्रेझा फाउंडेशन व सरकार के सहयोग से अब तक 30 हजार युवक-युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है. प्रशिक्षण को प्रभावी और गुणवत्ता पूर्ण बनाने के लिए रांची में लगभग 300 करोड़ की लागत से कौशल विकास कॉलेज खोलने की भी योजना है.

राज्य की जमीनी हकीकत

राज्य की जमीनी हकीकत को बयां करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी हमारे ग्रामीण इलाकों की दशा यह है कि सड़क के अभाव में उन्हे खटिया और बैलगाड़ी से अस्पताल तक आना पड़ रहा है, यह हमारे लिए चुनौती है, और हम इस चुनौती का मुकाबला कर रहे हैं. लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि यदि हमें ग्रामीण इलाके में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना है, तो हमें प्रति वर्ष करीबन 15 लाख चिकित्सकों की जरुरत होगी. जबकि आज के दिन महज 60 से 70 हजार चिकित्सक ही प्रति वर्ष सामने आ रहे हैं. उक्त बातें सीएम हेमंत ने प्रेझा फाउंडेशन के द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस अवसर पर सीएम हेमंत ने 500 प्रशिक्षित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपा.

हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत की दिशा में सरकार की पहल

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत की दिशा में सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है, सरकार की योजना शिक्षित ग्रामीण युवाओं को दवा दुकान की दुकान का लाइसेंस देने की है. आने वाले दिनों में पंचायत स्तरीय दवा दुकानों में जांच घर और एंबुलेंस सेवा भी प्रदान की जायेगी. हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में सरकार की योजनाओं का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और अपोलो समूह के द्वारा राज्य में मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल खोलने की इच्छा जतायी गयी है. इससे नर्सिंग के क्षेत्र में युवाओं को रोजगार का अवसर प्राप्त होगा.

क्या है प्रेझा फाउंडेशन

पैनआईआईटी एलुमनी रीच फ़ॉर झारखंड फाउंडेशन (प्रेझा फाउंडेशन) झारखंड सरकार और पैनआईआईटी एलुमनी रीच फ़ॉर इंडिया फाउंडेशन का एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम है. यह विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी, अल्पसंख्यक और ईडब्ल्यूएस युवाओं के लिए IITian भावना के साथ व्यावसायिक और आजीविका शिक्षा प्रदान करने का काम कर रहा है.

Published at:29 Jun 2023 02:06 PM (IST)
Tags:CM Hemant's statement migration is not bad for better futureCM Hemantपैनआईआईटी एलुमनी रीच फ़ॉर झारखंड फाउंडेशनरीच फ़ॉर इंडिया फाउंडेशनJharkhandMigration in jharkhand
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