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शराब घोटाले में योगेन्द्र तिवारी पर शिकंजा ! शनिवार को चली ईडी की लंबी पूछताछ, अभी खुलेंगे आगे कई राज

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
Published: August 27, 2023,
Updated: 9:13 PM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):- झारखंड में कथित शराब घोटाले को लेकर ईडी पूरी तरह शिकंजा कसने की तैयारी में लग गई है. लगातार इससे जुड़े तार खंगाले जा रहे हैं. फिलहाल, जामताड़ा के शराब कारोबारी योगेन्द्र तिवारी से शनिवार को लंबी पूछताछ की गई और कई सवाल दागे गये. तिवारी को इसी हिदायत पर ईडी ने छोड़ा कि वह अपनी कंपनी के प्राफिट एंड लॉस, बैकिंग लेन-देन, चल-अचल संपत्ति के कागजात के साथ ईडी के दफ्तर सोमवार को पहुंचे.

छापेमारी में गायब थे कई महत्वपूर्ण कागजात

शराब घोटाले को लेकर पिछले दिनों ईडी ने 34 ठिकानों पर एक साथ छेपमारी की थी. लेकिन, बहुत सारे कागजात गायब मिले थे. लिहाजा, उन दस्तावेजों के साथ सोमवार को उपस्थित होने के लिए तिवारी को कहा गया है. योगेन्द्र तिवारी के जिन-जिन ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी, उनमे देवघर स्थित होटल सिद्धार्थ के सामने स्थित गोदाम, बोम्पास टाउन स्थित डां राजीव पांडेय अस्पताल के पास स्थित आवास, हरमू हाउसिंग कालोनी के डी-2 स्थित मेसर्स संथाल परगना बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड और जामताड़ा के दो ठिकाने भी शामिल थे.  

शराब घोटाले का मिला था लिंक  

योगेन्द्र तिवारी के जामताड़ा के मिहिजाम में स्टेशन स्थित आवास के पास ही एसबीआई बिल्डिंग के दूसरी मंजिल पर भी ठिकाना है. दरअसल, छापेमारी में जमीन, बालू और शराब के धंधे से संबंधित कई महत्वपूर्ण कागजात मिले, जिसके आधार पर ही तिवारी पूछताछ के लिए तलब किया गया. ईडी की सुत्रों की माने तो छापेमारी में कैश नहीं मिला था. क्योंकि योगेन्द्र तिवारी को यह अहसास हो गया था कि आजा नहीं तो कल ईडी आयेगी ही. पिछले साल सत्ता के पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश की गिरफ्तारी और उसके ठिकाने पर छापेमारी के दौरान ही शराब के धंधे का लिंक ईडी को मिला था.  जिसके  बाद इसकी गुप्त जांच अंदर ही अंदर चलते रही. जो सीधे शराब कारोबारी  योगेन्द्र तिवारी की तरफ ले गया. इसके बाद ही ईडी ने आगे कार्रवाई करते हुए छापेमारी की, और अब पूछताछ के लिए तिवारी को तलब किया.

आगे की पूछताछ महत्वपूर्ण

योगेन्द्र तिवारी से तो पूछताछ शुरु हो चुकी है.आगे जब सारे दस्तावेज ईडी को सौंपे जाएंगे तो ऐसा माना जा रहा है कि विस्तृत जानकारियां हाथ लगेगी. इस कथित घोटाले में और कौन-कौन से नाम आयेंगे, ये मालूम चलेगा. वैसे योगेन्द्र तिवारी के भाई अमरेन्द्र तिवारी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था. लेकिन, अपने पिता की बीमारी का हवाला देककर ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे. वैसे, जिस तरह अवैध खनन, जमीन औऱ अब शराब के घोटाले की बात कही जा रही है. इससे लगता है कि आगे की जांच में ओर कई बड़े नाम आ सकते हैं.

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