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निगम चुनाव -झारखंड के बागियों पर एक्शन को लेकर भाजपा आखिर क्यों है दुविधा में !!

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: February 18, 2026, 4:46:36 PM

धनबाद(DHANBAD): झारखंड में निकाय चुनाव अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ लिया है.  भाजपा ने तो बड़े नेताओं को भी चुनाव प्रचार में झोंक दिया है.  लोकल सांसद और विधायक को हिदायत के साथ जिम्मेवारी दे दी गई है.  लेकिन बागियों  के खिलाफ एक्शन को लेकर भाजपा पूरी तरह से दुविधा में है.  भाजपा कारण बताओ जो नोटिस जारी किया है, उस पर एक्शन होगा भी अथवा नहीं, यह सवालों में है.  कोई भी नेता यह  नहीं कह रहा है कि एक्शन अगर होगा भी तो क्या होगा? मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष आदित्य  साहू भी धनबाद में थे.  उन्होंने कहा की कार्रवाई होगी और भाजपा नेताओं को चेताया कि बागियों  से दूरी बनाकर रखें।  इसके कई मतलब निकाले  जा रहे हैं.  धनबाद की अगर बात की जाए तो झरिया से भाजपा विधायक रागिनी सिंह के पति पूर्व विधायक संजीव सिंह बागी बनकर चुनाव लड़ रहे है. 

धनबाद की राजनीति कुछ अलग दिख रही है 
 
धनबाद में मुकेश पांडे और भृगुनाथ  भगत भी चुनावी मैदान में हैं.  मतलब, धनबाद में तीन बागी उम्मीदवार है.  धनबाद में अंदर खाने  कई तरह की खिचड़ी पक रही है.  सब कोई यही चाह रहा है कि कुछ कार्रवाई हो जाए लेकिन उनकी भूमिका सार्वजनिक नहीं हो.  सूत्रों के अनुसार धनबाद में भाजपा का एक खेमा चाह  रहा है कि संजीव सिंह के खिलाफ कार्रवाई हो, जबकि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इस मामले को तूल नहीं देने की सलाह प्रदेश को दे रहे हैं.  इसके पक्ष और विपक्ष में गुणा -गणित भी बता रहे हैं.  भाजपा ने धनबाद सहित झारखंड के कुल 18 लोगों को कारण बताओं नोटिस जारी किया है.  यह  नोटिस 12 फरवरी की तिथि से जारी की गई है.  नोटिस मिलने के सात  दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है.  यहीं से सवाल पैदा शुरू हो जाता है.  

सात दिनों के  समय को लेकर उठ रहे सवाल

भाजपा के ही एक सूत्र का कहना है कि अगर पार्टी को एक्शन लेना होता तो 7 दिन का वक्त दिया ही नहीं जाता।  बहुत कम समय में जवाब मांग लिया जाता और फिर पार्टी को, जो करना था, करती।  लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ ऐसा हुआ नहीं है.  दरअसल, भाजपा चाह   रही है कि "सांप भी मर जाए और लाठी भी नहीं टूटे" और यही वजह है कि भाजपा की दुविधा बढ़ती जा रही है.  आज 18 फरवरी है, 23 फरवरी को मतदान होना है.  चुनाव प्रचार तूफान पर है.  आरोप -प्रत्यारोप का दौरा चल रहा है.  वैसे सांसद ढुल्लू महतो के निशाने पर संजीव सिंह हैं.  बुधवार को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद ढुल्लू महतो ने कई बार रिपीट किया कि धनबाद में एक ऐसा परिवार है, जो कई वर्षों से राजनीति में है, लेकिन उसकी एक भी उपलब्धि नहीं है.  उनका इशारा संजीव सिंह की ओर था. 

आखिर क्यों प्रदेश फूंक -फूंक कर कदम उठा रहा 
 
मतलब साफ है कि प्रदेश नेतृत्व एक्शन के मामले में फूंक -फूंक कर कदम  उठा रहा है.  कोई हड़बड़ाहट में निर्णय करने की स्थिति में नहीं है.  वैसे भी धनबाद में भाजपा के कई गुट काम करते हैं.  दिखाते तो सब एक जगह पर साथ हैं, लेकिन भीतर ही भीतर अलग-अलग खिचड़ी पकाते  हैं.  धनबाद भाजपा महा नगर  अध्यक्ष का चुनाव भी इसके उदाहरण के रूप में देखा जाना चाहिए।  कई लोगों की सक्रिय सदस्यता होल्ड पर रख दी गई और श्रवण  राय को फिर से महानगर जिला अध्यक्ष रिपीट कर दिया गया.  इसके पीछे की एक अलग कहानी है.  फिलहाल धनबाद में बागियों  से पार्टी परेशान जरूर है, लेकिन सीधा एक्शन से बचने की कोशिश कर रही है.  देखना दिलचस्प होगा कि आगे -आगे होता है क्या--?

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो

Tags:DhanbadJharkhandBJPNoticeAction

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