✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

मुआवजा संबंधित विवादों का निस्तारण तीस दिनों  में  करें, पढ़िए किसने और कब कही यह बात  

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
Published: June 30, 2024,
Updated: 12:34 AM

धनबाद(DHANBAD): झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा  कोयला नगर धनबाद मे  एक दिवसीय भू अधिग्रहण, राजस्व संग्रहण, पुनर्वास से संबंधित मुकदमों के निपटारे के लिए स्पेशल लोक अदालत का आयोजन हुआ.  विशेष लोक अदालत में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश  सह झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश आनंदा सेन, न्यायाधीश प्रदीप कुमार  श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे.  जिनके द्वारा विभिन्न तरह के विवादों का ऑन स्पॉट निस्तारण कर  एक अरब 66 करोड़ 34 लाख 63 हजार रुपए की परिसंपत्तियों, व नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया.  वही एक लाख 63 हजार 441 विवादों का ऑनस्पॉट निष्पादन कर दिया गया.  कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया , जिसके बाद नालसा का थीम सोंग हुआ.  प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा द्वारा स्वागत भाषण किया गया.  जिसके बाद न्यायमूर्ति आनंदा सेन ने सभागार में उपस्थित लोगों को संबोधित किया. 

समुचित मुआवजा दिलाना हम लोगों का सामाजिक दायित्व और कर्तव्य
 
अपने संबोधन मे न्यायाधीश   ने कहा कि भू अधिग्रहण से संबंधित विवाद के मामले  ज्यादा बढ़ते जाते है.  जल्द से जल्द उन्हें पुनर्वासित करने तथा उसे समुचित मुआवजा दिलाना हम लोगों का सामाजिक दायित्व और कर्तव्य है.  न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि  मुआवजा का अर्थ केवल यह नहीं कि उन्हें रुपए का भुगतान कर दिया जाए.   बल्कि मुआवजा का अर्थ यह भी है कि सामाजिक सुरक्षा के तहत उनके परिवार के जीवन यापन और उन्हें रहने के लिए छत की व्यवस्था करना.  जस्टिस  ने डीसी ,धनबाद एवं सीएमडी बीसीसीएल से अनुरोध किया कि वह मुआवजा संबंधित विवादों का निस्तारण तीस दिनों  के अंदर करें ताकि लोगों को समुचित उसका लाभ मिल सके.   वह दर -दर की ठोकर खाने से बच जाये. इसके बाद नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित किए गए लोगों के दर्द को दिखाया गया.  डालसा के प्रयास से उन्हें  नया घर मिला.   न्यायाधीश  ने कहा कि चुकी धनबाद में कोयला उत्खनन व भू अधिग्रहण के ज्यादातर मामले पाए गए, जिसमें लोगों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पाया था.  इस कारण धनबाद को ही विशेष आयोजन के लिए चुना गया.  उन्होंने जिला प्रशासन और  समस्त पीएसयू कंपनी के अधिकारियों को सुझाव दिया कि पीड़ित की  जगह व खुद को रखकर देखें, तब जाकर समस्या का जल्द से जल्द समाधान होगा.  

यह देखना सबका काम कि मुआवजा के लिए कोई परेशान नहीं हो 

छह माह पूर्व टुंडी के एक युवक की मौत हाथी द्वारा कुचल देने के कारण हो गई थी. उसकी विधवा रेशोमुनि सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाते लगाते थक गई थी, परंतु उसे मुआवजा नहीं मिला था.  डालसा ने उसकी सुध ली और मृतक की पत्नी रेशोमुनी  को वन विभाग से चार लाख रुपए मुआवजा का भुगतान  कराया. वही बिजली के पोल में गाय के सट जाने और उसकी मौत हो जाने के मामले में भी डालसा ने पहल करते हुए गाय के मालिक मंटू यादव , एवं अरविंद कुमार को बिजली विभाग से तीस तीस हजार रुपए मुआवजा का भुगतान कराया. नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किए जाने के मामले में महीनो दफ्तर का चक्कर लगाते थक गए राजबल मुरमुर को 2 करोड़ 9 लाख 42 हजार 211 रूपए, जीतन मांझी को 5 लाख54 हजार 843 रूपए, जिला प्रशासन द्वार अजय कुमार महतो को 2 लाख 51 हजार 547 रूपए,अर्जुन रवानी को 15 लाख 14 हजार 438 रूपए  का भुगतान किया गया. विशेष लोक अदालत में न्यायाधीश द्वारा कल 44 लोगों को ऑन स्पॉट नियुक्ति पत्र सौंपा गया.  बीसीसीएल द्वारा 40 लोगों की नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर दी गई, वहीं टाटा द्वारा दो एवं रेलवे के द्वारा दो लोगों को नियुक्ति दी गई.  नियुक्ति  पत्र मिलने पर इबरान अंसारी ,अमन चौहान, स्वप्ननिल कुमार, कपिल चंद्र दास ,अश्वनी कुमार, उज्जवल कुमार पासवान, विनीता देवी ने बताया कि वह सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाते- लगाते थक गए थे.  डालसा ने उन्हें न्याय दिलाया.  

स्पेशल लोक अदालत  में थे मौजूद 

इस मौके पर झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार की मेंबर सेक्रेटरी रंजना अस्थाना, डिप्टी  सेक्रेटरी अभिषेक कुमार ,उपायुक्त माधवी मिश्रा, बीसीसीएल सीएमडी समीरन दत्ता, निदेशक फाइनेंस  राकेश कुमार सहाय , निदेशक ऑपरेशन एस के सिंह, डीडीसी सादत अनवर, एसएसपी एच पी जनार्नदन,  जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीकांत पाठक, प्रभाकर सिंह, सुजीत कुमार सिंह, डी सी अवस्थी, स्वयंभू, कुलदीप, नीरज विश्वकर्मा, एस एन मिश्रा, प्रफुल्ल कुमार, संजय कुमार सिंह, साकेत कुमार, अंजनी अनुज, पारस कुमार सिन्हा, राकेश कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरती माला, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव त्रिपाठी,अवर न्यायाधीश निताशा बारला, स्वेता कुमारी, ऐजोलिना जॉन, नगर आयुक्त ,नेशनल हाईवे के डायरेक्टर अरविंद कुमार सिंह, सिटी एसपी , विकास पालिवाल डीएफओ धनबाद ,मीणा  लाल चीफ लीगल  ऑफिसर टाटा , ईसीएल, सीसीएल व विभिन्न विभागों के पदधिकारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सहाय महासचिव जीतेंद्र कुमार  लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ कुमार विमलेंदु डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट सहायक कांउसिल ,पैरा लीगल वालंटियर, मेडिएटर समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे. 

Tags:dhanbadspecial lok adalatmuabjaniyukti patranirdesh

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.