धनबाद(DHANBAD): बाघमारा के बेनिडीह साइडिंग में हुई फायरिंग में चार की मौत के मामले ने कोयला चोरी के रहस्य पर से धीरे-धीरे पर्दा उठाने लगा है. मृतक के घर वालों की बात अगर सच है तो राजेश यादव और विश्वजीत चटर्जी ने उन्हें घर से बुलाकर रात 10 बजे ले गए थे. घरवालों को बताया था कि आधा ,एक घंटा में उन्हें भेज देंगे लेकिन कोयला चोरी के क्रम में सीआईएसएफ से उलझने के बाद उनकी जान चली गई. मरने वाले 4 में से तीन के परिवारों का यही आरोप है और यही बात अगल-बगल के लोग भी कह रहे हैं कि पुलिस अथवा सीआईएसएफ कोयला चोरी करवाने वाली गैंग के सरदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है. मृतक के परिजनों ने बाघमारा थाना में घर से बुलाकर ले जाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.लिखित शिकायत भी की गई है. इधर, इस मामले में पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है. वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर फायरिंग में सीआईएसएफ के जवानों द्वारा इस्तेमाल किए गए AK47 राइफल और पिस्तौल जब्त कर लिए गए है. 19 खोखा भी बरामद किए गए हैं. पुलिस ने एनकाउंटर में शामिल जवानों से भी पूछताछ की है. इस घटना के बाद बेनी डि ह साइडिंग में ट्रांसपोर्टिंग बंद है .फॉरेंसिक टीम भी अपना काम कर रही है. फॉरेंसिक टीम ने साइडिंग से अब तक 50 से अधिक लोगों का फिंगरप्रिंट इकट्ठा कर चुकी है. इसके अलावा जगह जगह से खून के नमूने एकत्र किए गए हैं. सीआईएसएफ की पार्टी के जिस वाहन पर हमला की बात कही जा रही है, उस पर अलग-अलग जगह से अंगुलियों के निशान के नमूने लिए गए हैं. घटनास्थल से बरामद बाइक से फिंगरप्रिंट जुटाए जा रहे हैं. टीम से जिन हथियार को छीनने की बात कही जा रही है ,उस पर के अंगुलियों के निशान लिए जाएंगे और निशान का मिलान घटनास्थल पर पाए गए नमूनों से किया जाएगा. घटनास्थल पर पहुंचे जवानों के भी फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे. आपको बता दें कि कोयला चोरी करने या कोयला काटने जाने वाले लोग कोयला चोरी में लगे सिंडिकेट के एक प्यादे मात्र होते हैं .पुलिस की लाठियां वह खाते हैं, गोली से जान उनकी जाती है और कमाई सिंडिकेट के संचालकों को होता है. अब देखना है इस घटना के बाद कोयला चोरी में कमी आती है अथवा नहीं.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
