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कोल इंडिया की सबसे बड़ी यूनिट बीसीसीएल अब देवी-देवताओं की शरण में, क्यों बढ़ रहा दबाव !

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 22, 2026, 2:26:08 PM

धनबाद (DHANBAD) : देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादन कंपनी बीसीसीएल उत्पादन बढ़ाने के प्रयास के साथ देवी  की शरण में भी है. दरअसल, शेयर मार्केट में लिस्टिंग के बाद बीसीसीएल पर प्रदर्शन में तत्काल सुधार का दबाव बढ़ गया है.  कंपनी के लिए यह जरूरी है कि वह निवेशकों के भरोसे पर खरा उतरे।  ऐसे में बुधवार को कंपनी के मुखिया सहित अन्य अधिकारी माता के दरबार में पहुंचे। जोड़ाफाटक स्थित धनबाद के प्रसिद्ध शक्ति मंदिर में भोग चढ़ाया और माता रानी से बीसीसीएल परिवार की समृद्धि और कल्याण के लिए आशीर्वाद माँगा।  सीएमडी के साथ कई अधिकारी भी मौजूद थे.  बीसीसीएल के लिए सबसे महत्वपूर्ण कोकिंग  कोल्  है. 

शेयर मार्किट में लिस्टिंग के बाद प्रोडक्शन -डिस्पैच का है दबाव 
 
पिछले 9 महीने के उत्पादन आंकड़े पर गौर करें तो बीसीसीएल में कोकिंग  कोल्  के उत्पादन में 16% की गिरावट दर्ज की गई है.  कोल इंडिया की दूसरी कंपनी सीसीएल में कोकिंग  कोल्  के उत्पादन दर में 8% से अधिक की वृद्धि हुई है.  बता दें कि शेयर मार्केट में बीसीसीएल की लिस्टिंग हो गई है.  इसके आईपीओ को जबरदस्त रिस्पांस भी मिला है.  इसके अलावे सीएमपीडीआईएल के लिए भी प्रयास चल रहा है. बता दे कि  बीसीसीएल देश की सबसे बड़ी  कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है.  यह देश के घरेलू कोकिंग  कोल् उत्पादन का लगभग 60% से अधिक हिस्सा अकेले ही खनन करती है. 

1972 में कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद बीसीसीएल अस्तित्व में आई

1972 में कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद यह कंपनी अस्तित्व में आई. बीसीसीएल की खदाने  धनबाद और बंगाल में चलती हैं.  इन खदानों में अंडरग्राउंड और ओपन कास्ट दोनों तरह  से उत्पादन होता है. यह  अलग बात है कि अब तो बहुत सारी व्यवस्थाएं आउटसोर्स हो गई है और कर्मचारियों की संख्या लगातार घट रही है.  फिर भी बीसीसीएल की अपनी एक अलग पहचान है. इस कंपनी के कोयले के मुख्य ग्राहक स्टील प्लांट होते है. पावर प्लांट में भी बड़ी मात्रा में कोयले की आपूर्ति होती है.

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  

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