✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

Coal India : कोयला उत्पादक कंपनी के अस्तित्व पर ही कैसे बढ़ रहा खतरा, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 9:24:33 AM

धनबाद (DHANBAD): तो क्या आने वाले कुछ दिनों में देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया "छोटी मछली "बन जाएगी और प्राइवेट प्लेयर्स "बड़ी मछली "के आकार के हो जाएंगे. फिर तो कोल इंडिया के अस्तित्व पर ही खतरा पैदा हो सकता है. जिस रफ्तार से कोयला उद्योग में प्राइवेट प्लेयर्स की घुसपैठ हो रही है, उससे तो ऐसा ही लगता है कि आने वाले दिनों में कोल इंडिया और अनुषंगी कंपनियों पर बाजार का खतरा मंडराने लगेगा. सूत्रों के अनुसार 3 दिन पहले वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के 12वें चक्र की शुरुआत की गई है .

11 वे  चक्र तक 125 कोयला ब्लॉक की नीलामी हो चुकी है

11वें  चक्र तक 125 कोयला ब्लॉक की नीलामी हो चुकी है. मतलब साफ है कि कोल इंडिया के समानांतर वाणिज्यिक कोयला खदाने खड़ी होने लगी है. पूरी तरह से खड़ी होने में हो सकता है कि 5 साल का वक्त लगे, लेकिन कोल इंडिया के लिए वाणिज्यिक खदाने निश्चित रूप से चुनौती बनेगी. सूत्रों के अनुसार 12वीं चक्र में भी 28 कोयला ब्लॉक और लिग्नाइट ब्लॉक का ऑफर निकाला गया है. फिलहाल कोयला उद्योग के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वह उत्पादन लागत को कंट्रोल करें और फिजूलखर्ची पर रोक रखें. 

कोयला मंत्रालय ने एक तरह से दे दिया है साफ़ संदेश  

सूत्रों का कहना है कि कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और उसकी इकाइयों को साफ संदेश दे दिया है कि कमर्शियल खनन के मुकाबले कोल इंडिया की कंपनियों को कोयला प्रोडक्शन बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन लागत को भी कम करना होगा. इस संदेश का मतलब बहुत साफ है कि कमर्शियल खदानें बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है. अगर कोल इंडिया और इसकी इकाई खुद को इसके लिए तैयार नहीं कर पाएंगी, तो वह बाजार से बाहर हो सकती हैं. यह भी बताया जा रहा है कि 125 कोल ब्लॉक को ऑपरेशनल बनाने के लिए 40,000 करोड रुपए से अधिक का निवेश हो सकता है. देखना है कि कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियां अपना अस्तित्व बचाने के लिए और किस ढंग से अपने को बदल पाती हैं.

रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadCoal IndiaCommercial MiningChunautiInstruction

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.