धनबाद(DHANBAD): कोल इंडिया के नन एग्जीक्यूटिव कर्मचारियों को अब 12000 की जगह₹20000 सेटलिंग भत्ता मिलेगा. यह राशि उन्हें सेवानिवृत्ति के समय दी जाएगी. अब तक ₹12000 ही मिलते थे. इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. वैसे, तो कोल इंडिया बोर्ड आफ डायरेक्टर्स ने पहले ही इसकी मंजूरी दे दी थी, लेकिन सोमवार को इस संबंध का पत्र जारी कर दिया गया है. पत्र के मुताबिक जो कर्मचारी कंपनी के क्वार्टर या लीज पर लिए आवास में रह रहे हैं, उन्हें यह लाभ तभी मिलेगा, जब वह अधिकृत पदाधिकारी द्वारा जारी क्वार्टर खाली करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे.
कोल् इंडिया में लगातार बढ़ रही रिटायर्ड कर्मियों की संख्या
उल्लेखनीय है कि कोल् इंडिया में हर एक साल 14000 से अधिक कर्मी रिटायर हो रहे है. कोल इंडिया में कार्यरत कर्मियों से रिटायर्ड कर्मियों की संख्या दूगुनी से भी अधिक हो गई है. जानकारी के अनुसार कोल इंडिया में कार्यरत कर्मियों की संख्या 2.10 लाख के करीब है,जबकि रिटायर्ड कर्मियों की संख्या 5 लाख पहुंच गई है. यही वजह है कि कंट्रीब्यूटरी पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकेयर स्कीम पर बोझ बढ़ गया है. इस स्कीम को आर्थिक रूप से मजबूत करने की मांग हो रही है. जैसे-जैसे रिटायर्ड कर्मियों की संख्या बढ़ेगी, मेडिकल स्कीम पर बोझ बढ़ता जाएगा.अब मजदूर संगठन मांग कर रहे हैं कि इस स्कीम को और मजबूत किया जाए.
क्या मांग कर रहे मजदूर संगठन के लोग
उनकी मांग है कि मैनेजमेंट इस कोष में बड़ी राशि दे, जिससे रिटायर्ड कर्मियों की मेडिकल सुविधा में किसी तरह की परेशानी नहीं हो. बताया जाता है कि वर्ष 2015 में कोल इंडिया ने इसे लागू किया था. उसे समय रिटायर्ड होने वाले कर्मियों की संख्या लगभग चार लाख थी. उन्हें मेडिकल सुविधा देने का नियम बनाया गया था. इसके लिए रिटायर्ड कर्मियों को इस योजना में 20,000 रुपए एक मुश्त देना पड़ता था. आंकड़े के मुताबिक उस समय लगभग 3,000 कर्मी ही सदस्य थे. 2017 में इसे रिवाइज किया गया, फिर रिटायर होने वाले कर्मियों को इस स्कीम में ₹40,000 जमा करने के बाद उन्हें 8 लाख चिकित्सा सुविधा देने का प्रावधान किया गया. यानी पति को चार लाख और पत्नी को चार लाख की सुविधा का नियम बनाया गया.