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Coal India: कंपनी में छह वर्षों में घटी कर्मचारियों की बड़ी संख्या, अब आगे क्या -पढ़िए इस रिपोर्ट में

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 8:16:47 AM

धनबाद(DHANBAD): देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया में  जिस रफ्तार से  कोयले  का उत्पादन बढ़ रहा है, उसी रफ़्तार  में श्रम शक्ति घट रही है.  यह हम नहीं कह रहे बल्कि आंकड़ा बता रहा है. यह सब हो रहा है आउटसोर्स कंपनियों के प्रवेश से.   पहली  अप्रैल 2025 को कोल इंडिया का कुल मैनपॉवर 2,20, 242 है, जबकि पिछले साल पहली  अप्रैल को यह  आंकड़ा 2,28,861 था.  पहली अप्रैल 2025 के आंकड़े में नन  एग्जीक्यूटिव की संख्या 2,05,134 है, जबकि एग्जीक्यूटिव की संख्या 15,108 बताई गई है.  महिला कामगारों की संख्या 20,009 है. जानकारी के अनुसार सबसे अधिक कामगार एसईसीएल में घटे है.   वैसे एक आकड़ा यह भी   है कि पहली  अप्रैल 2019 में कोल्  इंडिया में कुल मैनपॉवर 2,85,479 था. धनबाद में संचालित बीसीसीएल की बात की जाए तो पिछले साल मैनपावर की संख्या 33, 920 थी.   जो 2025 में 32,118 हो गई  है.  इसी तरह अगर सीसीएल की बात की जाए तो 2024 में मैनपॉवर का आंकड़ा 33,990 था, जो घटकर 33,091 रह गया है. 

सभी अनुषंगी कंपनियों का भी यही हाल 
 
 इसी तरह ईसीएल  की बात की जाए तो पिछले साल 48,711 मैनपॉवर था जो 2025 में घटकर 46,996 रह गया है. कोला इंडिया में प्राइवेट प्लेयर्स की संख्या बढ़ने की वजह से यह सब हो रहा है. इससे भारत की कोयला  उत्पादक कंपनी कोल इंडिया और इसकी अनुषंगी  कंपनियों की परेशानी आगे बढ़ने वाली है.  कोयले की बिक्री में अब कोल्  इंडिया का मोनोपोली नहीं चल सकती है. प्राइवेट प्लेयर से कंपनी को चुनौती मिल सकती है. कैप्टिव  और कमर्शियल कोल्  ब्लॉक से तगड़ी चुनौती मिलने से इंकार नहीं किया जा सकता है.  इससे कोल इंडिया की  आमदनी भी प्रभावित हो सकती है.  कैप्टिव  एवं कमर्शियल कोल्  ब्लॉकों से अब धीरे-धीरे कोयले का उत्पादन होने लगा है.  ऐसे में कई बड़ी कंपनियां, जो कोयला खरीदती  थी , वह खुद से उत्पादन करने लगी है. 

प्राइवेट प्लेयर्स की लगातार बढ़ रही संख्या 
 
एक आंकड़े के मुताबिक अब तक कोयला मंत्रालय ने 575 मिलियन टन  की क्षमता वाली 161 खदानों की नीलामी की है.  58 खदानों को खोलने की अनुमति भी मिल गई है.  54 खदानें पहले से चालू है.  पिछले वित्तीय वर्ष में इन खदानों से कुल 147 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ था.  यह  देश के कुल कोयला उत्पादन का 15% है.  चालू वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा बढ़ सकता है.  एनटीपीसी, पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, कर्नाटक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, वेदांता , हिंडालको ,अदानी आदि जैसे बड़े उपभोक्ता फिलहाल है.  जिन्हें कोल ब्लॉक आवंटित किया गया है.

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  

Tags:Dhanbadcoal Indiakaramcharisankhyaproduction

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