धनबाद(DHANBAD): कोल इंडिया प्रबंधन पर बढ़ते दबाव के बीच मैनेजमेंट ने "सफाई अभियान" शुरू करने की तैयारी कर ली है. जानकारी के अनुसार कोल इंडिया और इसकी सहायक कंपनियों में बरसों से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों का बहुत जल्द तबादला किया जा सकता है. सूत्र बता रहे हैं कि कोल इंडिया मैनेजमेंट बड़ा कदम उठाने जा रहा है. सूत्रों के अनुसार 15 वर्ष से अधिक समय से एक ही कंपनी अथवा एक ही जगह में कार्यरत अधिकारियों की सूची तैयार की गई है.
बहुत जल्द बड़े पैमाने पर हो सकता है तबादला
इस सूची के बाद अब बहुत जल्द तबादला किए जाने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक एसईसीएल में सर्वाधिक 451 अधिकारी,डब्लूसीएल में 352 अधिकारी, एक ही स्थान पर बने हुए है. सीसीएल में 250, ईसीएल में 201 और बीसीसीएल में 191 अधिकारी ऐसे हैं, जो 15 वर्षों से अधिक समय से एक ही कंपनी में हैं. सूत्रों के अनुसार कई अधिकारी ऐसे हैं ,जो अंतर कंपनी स्थानांतरण के बाद भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए फिर से वापस आ गए है. कोयला कर्मी भी कई ऐसे हैं, जो यूनियन सहित अन्य माध्यमों से संवेदनशील पदों पर कई सालों से बने हुए हैं.
नियम है कि संवेदनशील पदों पर अधिक दिन नहीं रह सकते
नियम के अनुसार कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों में संवेदनशील पदों पर कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी एक ही पद पर 3 साल से अधिक नहीं रह सकते हैं. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह नियम लागू किया गया था. सीबीसी गाइडलाइन के अनुसार ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए रोटेशन स्थानांतरण का प्रावधान है. जानकारी के अनुसार संवेदनशील पदों में वित्त, कार्मिक, निविदा, पीएफ, पेंशन, सेल्स सहित कई विभागों के कई पद शामिल हैं. फिलहाल कोल इंडिया में 2.14 लाख कोयला कर्मी कार्यरत हैं. जिनमें लगभग 16,000 अधिकारी हैं. दुनिया के सबसे बड़े कोयला उत्पादकों में से एक के रूप में यह भारत में एक प्रमुख कॉर्पोरेट नियोक्ता के रूप में कार्य करती है. यह आठ राज्यों में फैली हुई है.