धनबाद(DHANBAD): कोल इंडिया मानकीकरण समिति की बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण और दूरगामी असर डालने वाली रही. यह बैठक शुक्रवार को भुवनेश्वर में समाप्त हुई. खास बात यह रही कि अनुकंपा पर आश्रितों के नियोजन संबंधी एसओपी पर सहमति तैयार हो गई. अब कोयलाकर्मियों की मृत्यु होने पर आश्रित 3 साल तक नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं. यह बड़ी राहत की बात हुई, क्योंकि पहले एक साल तक ही आवेदन करने का नियम था.
चार लेबर कोड के क्रियान्वयन पर तगड़ी बहस हुई
चार लेबर कोड के क्रियान्वयन पर तगड़ी बहस हुई. मजदूर संगठनों का कहना था कि प्रबंधन की ओर से लेबर कोड को लेकर जो बातें कही गई हैं , वह ठोस नहीं है. जब तक लेबर रूल सरकार की ओर से प्रकाशित नहीं किया जाता, तब तक इस पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. मजदूर संगठनों ने लेबर कोड को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से मैनेजमेंट को चेतावनी भी दी. कहा कि इससे कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों में इंडस्ट्रियल रिलेशंस प्रभावित हो सकते हैं.
मजदूर संगठन के लोग चाहते थे कि जेबीसीसीआई पर भी चर्चा हो
मजदूर संगठन के लोग चाहते थे कि जेबीसीसीआई पर भी चर्चा हो ,लेकिन प्रबंधन में कहा कि इसके लिए इंतजार करना होगा। दरअसल, जेबीसीसीआई को लेकर ऊहापोह की स्थिति है. इसी बैठक में कोयला कर्मचारियों का बोनस तय होता है. सिविल और माइनिंग सर्वेयर के कैडर प्रमोशन से संबंधित मामलों पर विचार के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया. कमेटी इस संबंध में अपनी रिपोर्ट देगी, कर्मियों के ड्रेस कोड पर भी फैसला हो गया है.