रांची (RANCHI): मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद कहा कि मानदेय के अलावे आयुष चिकित्सकों को हर माह 15 हजार रुपए इंसेंटिव भी मिलेगा. झारखंड में यूनानी, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सा के क्षेत्र में पढ़ाई सुनिश्चित हो इसके लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आयुष चिकित्सा पद्धति का लाभ मिल सके इसलिए आज 217 आयुष डॉक्टरों को अनुबंध आधारित नियुक्ति पत्र मिला है. झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में हुए समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त आयुष डॉक्टर्स के प्रति भरोसा जताते हुए कहा कि आप जहां भी कार्यरत रहेंगे वहां अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी और कर्मठता से करेंगे ऐसा मुझे विश्वास है.
प्राचीन काल से चली आ रही आयुष चिकित्सा पद्धति आज भी काफी प्रभावी
सीएम ने कहा, आयुष चिकित्सा पद्धति आज भी उतनी ही प्रभावी है, जितनी प्राचीन काल में थी, विशेषकर झारखंड प्रदेश के लिए आयुष एक बेहतर चिकित्सा पद्धति साबित हो सकती है. आयुष पद्धति जल, जंगल, जमीन, पठार, नदी- नाले और पहाड़ से घिरे इस आदिवासी बाहुल्य प्रदेश के लिए खास मायने रखती है. यहां के लोगों का प्रकृति से गहरा जुड़ाव रहा है और प्राकृतिक तरीके से वे इलाज कराते आ रहे हैं. ऐसे में आज के समय में आयुष चिकित्सा पद्धति यहां के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इस पद्धति से छोटी-बड़ी बीमारियों का तो इलाज होता ही है. इसके साथ बेहतर स्वास्थ्य जीवन और शरीर को तंदुरुस्त रखने के प्राकृतिक तौर-तरीकों को हम जानते तथा सीखते हैं. यह चिकित्सा पद्धति पहले भी प्रभावी थी, आज भी है और आगे भी रहेगी
झारखंड सरकार और श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल के बीच एमओयू
इस अवसर पर झारखंड सरकार और सत्य साई हॉस्पिटल के बीच एमओयू हुआ. एमओयू के अंतर्गत प्रतिवर्ष झारखंड के एक हजार हार्ट मरीजों का मुफ्त इलाज गुजरात के श्री सत्य साई हॉस्पिटल में होगा. झारखंड सरकार इन मरीजों के यात्रा पर प्रति मरीज 10 हजार रुपया खर्च करेगी. मुख्यमंत्री ने इसे एतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इस एमओयू से श्री सत्य साई हॉस्पिटल राजकोट और अहमदाबाद में झारखंड के युवा तथा वयस्कों का मुफ्त हार्ट का इलाज होगा. पैसे के अभाव में जो लोग इलाज नहीं करा पाते हैं ऐसे में यह व्यवस्था उनके लिए मील का पत्थर साबित होगा.
देवदूत के रूप में लोगों को चिकित्सा उपलब्ध कराएं: स्वास्थ्य मंत्री
मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि सीएम के सानिध्य में स्वास्थ्य विभाग दिन प्रतिदिन बेहतर दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने नवनियुक्त चिकित्सकों से अपील करते हुए कहा कि जहां कार्यरत रहें वहां मरीजों का इलाज मुस्कुराता चेहरा और मधुरवाणी के साथ करें ताकि लोगों को लगे कि आप उनके परिवार के ही सदस्य हैं. जब आप आत्मीयता के साथ मरीजों की चिकित्सा करेंगे तो उनकी आधी बीमारी आपके उन्हें छू लेने से ठीक हो जाएगी. आयुष प्रक्षेत्र का बहुत बड़ा दायरा है. आयुष पद्धति लोगों को बड़ी बीमारी होने से पहले ही बचाती है. आप सभी आयुष प्रक्षेत्र के नवनियुक्त डॉक्टर्स मुख्यमंत्री के द्वारा भेजे गए देवदूत के रूप में लोगों के बीच चिकित्सा उपलब्ध कराने का कार्य करें.
स्वास्थ्य से जुड़े तीन नए एप्प का शुभारंभ
समारोह में स्वास्थ्य सेवा से संबंधित तीन एप्प का शुभारंभ किया. इसके अंतर्गत आयुष योगा एप्प, आयुष पेशेंट मॉनिटरिंग एप्प तथा जीवन दूत एप्प शामिल है. मैके पर राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव-सह-प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, आयुष के नोडल अधिकारी भुवनेश प्रताप सिंह, सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल के प्रतिनिधि सहित आयुष प्रक्षेत्र के नवनियुक्त सभी डॉक्टर्स उपस्थित थे.
