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मुख्यमंत्री दाल-भात योजना! गरीबों के लिए 2009 में बनी इस योजना पर भी ध्यान दीजिये मुख्यमंत्री जी !

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 9:41:47 AM

धनबाद (DHANBAD) : मुख्यमंत्री दाल-भात योजना पर भी सरकार ध्यान दे. यह भी गरीबों के लिए राहत वाली योजना है. 2009 में जब यह योजना शुरू हुई थी ₹5 प्लेट भोजन की दर निर्धारित हुई थी. अब 2025 चल रहा है, लेकिन भोजन की दर अभी भी ₹5 है. एक अनुमान के अनुसार जहां भी यह केंद्र चल रहा है, वहां अमूमन ढाई सौ से 400 लोग प्रतिदिन भोजन करते है. गरीबों के लिए यह एक बहुत बड़ा सहारा भी है. हर जिले में अमूमन 10 से 15 केंद्र चल रहे हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई की वजह से अब इसके संचालन में परेशानी आ रही है. धनबाद में पहले चरण में नौ केन्द्रों की शुरुआत हुई थी. इसके बाद सभी प्रखंडों में 10 और केंद्र खोले गए. बताया जाता है कि धनबाद में अभी 19 केंद्र चल रहे है. जानकारी के अनुसार पहले चरण में जो 9 केंद्र खोले गए, वहां  प्रतिदिन 400 लोग भोजन को पहुंचते है. वहीं दूसरे चरण में  जो केंद्र खोले गए, वहां 200 लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है. 15 सालों में महंगाई कहां से कहां पहुंच गई. लेकिन दर अभी भी ₹5 ही निर्धारित है.  

केवल पांच रुपये में मिलता है यह सब 

बता दें कि मुख्यमंत्री दाल-भात योजना में भोजन में दाल, भात के साथ चना और सोयाबड़ी की सब्जी मिलती है. साथ में आलू या ओल का चोखा भी देने का प्रावधान है. सभी केन्द्रों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूह करती है. जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की तरफ से केंद्र के संचालकों को चावल, चना और सोयाबड़ी का आवंटन किया जाता है. चावल का आवंटन केन्द्रों में आने वाले लोगों की संख्या पर निर्भर करता है. अगर किसी केंद्र पर औसतन 400 लोग प्रतिदिन भोजन करते हैं, तो उस केंद्र को खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से लगभग 24 क्विंटल चावल ₹1 प्रति किलो की दर से दिया जाता है. इसके अलावा 80 किलो चना व 60 किलो सोयाबड़ी हर महीने की एक या दो तारीख को आवंटित हो जाता है. बाकी अन्य सामग्री जैसे दाल, आलू तथा ईंधन की व्यवस्था संचालकों को करनी होती है. 

इन केन्द्रों में सिर्फ दोपहर का ही भोजन देने का है प्रावधान 
 
इन केन्द्रों में सिर्फ दोपहर का ही भोजन मिलता है. फिर भी एक समय के भोजन के लिए लोग प्रतीक्षा करते है. आज भी यह योजना बहुत ही कारगर है. अब सरकार से मांग हो रही है कि महंगाई को देखते हुए इसकी दर को भी बढ़ाया जाए. 2009 में जब यह योजना शुरू हुई, उसके बाद कई मुख्यमंत्री बदल गए. कई सरकारें बदल गई. कई चुनाव हो गए, लेकिन ₹5 प्लेट का खाना ₹5 में ही मिल रहा है. सरकार अब इस योजना पर ध्यान केंद्रित करें और इसे थोड़ा बड़े आकार में क्रियान्वित करें, तो लोगों को बड़ा फायदा हो सकता है. लोगों ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि इस ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराये. कम से कम खुद जाकर मुख्यमंत्री दाल-भात योजना केंद्र का निरीक्षण करें और उसकी कमियों से सरकार को अवगत कराये. 

रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadCMYojnaRupees 5Demand

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